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अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे दो कोरोना संक्रमितों की मौत
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अमरोहा। कोरोना को मात देकर अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे दो संक्रमितों की मौत हो गई। मरने वालों में 75 वर्षीय महिला और 52 वर्षीय जमाती शामिल है। महिला किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। जबकि जमाती को सीने में दर्द की शिकायत थी। कोरोना पॉजिटिव रही महिला चार दिन और जमाती 21 दिन पहले अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे थे। दोनों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला सूरत के कस्बा अमरोली निवासी 52 वर्षीय जमाती मार्च में जोया ब्लाक के फत्तेहपुर माफी में धर्म प्रचार के लिए आए थे। निजामुद्दीन मरकज का मामला सामने आने पर इनका भी सैंपल कराया गया था। सात अप्रैल को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद इन्हें जिला अस्पताल मुरादाबाद भेज दिया गया। जहां से वह स्वस्थ होकर 27 अप्रैल को लौट आए। बाद में पुलिस ने बुजुर्ग समेत 51 जमातियों पर कोरोना संक्रमण फैलाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया था। शनिवार को बुजुर्ग समेत 22 जमातियों को जमानत मिल गई। इसके बाद इन्हें जीजीआईसी में रखा गया था। रविवार की रात को खाना खाने के बाद बुजुर्ग जमाती को बेचैनी की शिकायत हुई। साथी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनकी मौत गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। वहीं धनौरा क्षेत्र के गांव पसरा बागर निवासी 75 वर्षीय वृद्धा किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। छह मई को महिला डायलिसिस के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल गई थी। जहां डाक्टरों ने निजी लैब में महिला का सैंपल कराया। जांच में वह संक्रमित पाई गई। नौ मई को अमरोहा के स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा सैंपल कराया। 13 मई को रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया। रविवार की रात निजी अस्पताल में डायलिसिस के दौरान खून बहना बंद नहीं हुआ। इससे वृद्धा की मौत हो गई। अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे दो कोरोना संक्रमितों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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जिला सूरत के कस्बा अमरोली निवासी 52 वर्षीय जमाती मार्च में जोया ब्लाक के फत्तेहपुर माफी में धर्म प्रचार के लिए आए थे। निजामुद्दीन मरकज का मामला सामने आने पर इनका भी सैंपल कराया गया था। सात अप्रैल को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद इन्हें जिला अस्पताल मुरादाबाद भेज दिया गया। जहां से वह स्वस्थ होकर 27 अप्रैल को लौट आए। बाद में पुलिस ने बुजुर्ग समेत 51 जमातियों पर कोरोना संक्रमण फैलाने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लिया था। शनिवार को बुजुर्ग समेत 22 जमातियों को जमानत मिल गई। इसके बाद इन्हें जीजीआईसी में रखा गया था। रविवार की रात को खाना खाने के बाद बुजुर्ग जमाती को बेचैनी की शिकायत हुई। साथी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनकी मौत गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। वहीं धनौरा क्षेत्र के गांव पसरा बागर निवासी 75 वर्षीय वृद्धा किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। छह मई को महिला डायलिसिस के लिए मेरठ के एक निजी अस्पताल गई थी। जहां डाक्टरों ने निजी लैब में महिला का सैंपल कराया। जांच में वह संक्रमित पाई गई। नौ मई को अमरोहा के स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा सैंपल कराया। 13 मई को रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया। रविवार की रात निजी अस्पताल में डायलिसिस के दौरान खून बहना बंद नहीं हुआ। इससे वृद्धा की मौत हो गई। अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटे दो कोरोना संक्रमितों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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