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Amroha News: बहन की शादी में पैरोल आया बावनखेड़ी नरसंहार का दोषी

Thu, 22 Oct 2026 01:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 22 Oct 2026 01:28 AM IST
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Convict in Bawankhedi massacre granted parole for sister's wedding
अमरोहा। बहुचर्चित बावनखेड़ी नरसंहार के दोषी सलीम को अपनी बहन आयशा खान की शादी में शामिल होने के लिए सात दिन की पैरोल मिली है।
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सलीम की बहन आयशा खान की शादी 25 अक्तूबर को होनी है। इसलिए हाईकोर्ट ने 21 से 27 अक्तूबर तक शादी समारोह से जुड़ी रस्मों में शामिल होने के लिए घर जाने की अनुमति दी है। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच सलीम बुधवार को बावनखेड़ी स्थित अपने घर पहुंचा तो हर कोई हैरत में पड़ गया। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा के चलते किसी बाहरी व्यक्ति को घर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। सलीम को 27 अक्तूबर की शाम तक केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज में वापस समर्पण करना होगा।


हसनपुर के बावनखेड़ी गांव में अप्रैल 2008 में हुए सामूहिक हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। गांव निवासी शिक्षक शौकत अली की बेटी शबनम ने अंग्रेजी से एमए किया था और शिक्षामित्र के रूप में काम करती थी। उसका गांव के ही सलीम से प्रेम संबंध था। परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं था। 14 अप्रैल 2008 की रात शबनम और सलीम ने मिलकर शबनम के परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी। मृतकों में मास्टर शौकत अली, उनकी पत्नी हाशमी, बेटे अनीस और राशिद, बहू अंजुम, रिश्तेदार राबिया और शबनम का 11 माह का भतीजा अर्श शामिल थे। शबनम और सलीम ने छह लोगों की हत्या कुल्हाड़ी से की थी, जबकि मासूम अर्श का गला घोंट दिया था। घटना के बाद पुलिस ने सलीम और शबनम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने सलीम की निशानदेही पर कुल्हाड़ी बरामद की थी। तीन अगस्त 2010 को अमरोहा जिला अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी। दोनों की दया याचिकाएं भी राष्ट्रपति स्तर पर खारिज हो चुकी हैं। शबनम वर्तमान में बरेली जेल में बंद है, जबकि सलीम केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज में है। शबनम ने जेल में एक बेटे को जन्म दिया था, जिसकी परवरिश बुलंदशहर का एक परिवार कर रहा है। अधिवक्ता अरशद अंसारी ने बताया कि सलीम ने बहन की शादी में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में शॉर्ट टर्म बेल दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की पीठ ने सलीम को 21 अक्तूबर को पुलिस अभिरक्षा में घर ले जाने और 27 अक्तूबर की शाम तक जेल लौटने का निर्देश दिया है। मामले को तीन नवंबर को उचित पीठ के समक्ष दोबारा सूचीबद्ध करने के साथ जेल अधीक्षक को सलीम के समर्पण के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा गया है। वहीं, बावनखेड़ी के पूर्व ग्राम प्रधान फुरकान उर्फ बोबा ने सलीम के घर पहुंचने की पुष्टि की है।
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