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हैंडओवर होने से पहले ही पवेलियन की दीवार और सीढ़ियों में पड़ी दरार
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अमरोहा। मानसून की पहली बारिश में निर्माणाधीन स्टेडियम की दीवार गिरने के बाद जांच रिपोर्ट में मानकों की अनदेखी का खुलासा हुआ है। हैरत की बात यह है कि विभाग को हैंडओवर या शुरू होने से पहले ही स्टेडियम के पवेलियन की दीवार और सीढ़ियों में भी दरारें पड़ा गईं हैं। दीवार पर कराई गई वॉल पुट्टी उधड़ने लगी है। ऐसे में स्टेडियम निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले स्टेडियम तीस अप्रैल तक विभाग को हैंडओवर होना था, लेकिन निर्माण बाकी रहने के कारण नहीं हो सका।
जनपद के अमरोहा नगर में एक मिनी स्टेडियम है। लेकिन मालीखेड़ा गांव के पास 53 बीघा जमीन में 10.69 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। पांच जनवरी 2018 को कैबिनेट मंत्री रहे पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने शिलान्यास किया था। तभी से स्टेडियम का निर्माण चल रहा है। वर्तमान में स्टेडियम का निर्माण अंतिम दौर में है। यह स्टेडियम 30 अप्रैल 2021 को खेल विभाग के हैंडओवर किया जाना था। कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसको लेकर डीएम बीके त्रिपाठी और नौगांवा सादात विधायक संगीता चौहान ने नाराजगी व्यक्त की थी। बार-बार अधिकारी गुणवत्ता को लेकर हिदायत देते रहे। लेकिन, उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। ये ही वजह रही कि 19 जुलाई को मानसून की पहली बारिश स्टेडियम की करीब 60 मीटर लंबी दीवार गिर गई। जबकि 20 मीटर दीवार झुक गई थी।
डीएम बीके त्रिपाठी से दीवार गिरने के मामले की जांच एसडीएम सदर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी और कार्यदायी संस्था के आरईएस की संयुक्त कमेटी गठित कर जांच कराई। जिसमें मानकों की अनदेखी का खुलासा हुआ था। आरोप था कि कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा ठेकेदार से मिट्टी का भराव उचित संघनन नहीं कराया गया। निर्माण के समय मानकों के अनुरूप दीवार नहीं बनाई गई थी। जिस कारण पूरी दीवार पलट गई। स्टेडियम के निर्माण गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। स्टेडियम के पवेलियन के निर्माण में भी घटिया सामग्री लगने की आशंका बनी हुई है। क्योंकि स्टेडियम के हैंडओवर होने के पहले ही पवेलियन की दीवार और सीढ़ियों में भी दरार नजर आ रही हैं। दीवारों पर की गई वॉल पुट्टी भी उधड़ने लगी है।
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स्टेडियम 30 अप्रैल को हैंडओवर होना था। लेकिन, निर्माण पूरा नहीं होने के कारण नहीं हो सका। स्टेडियम का निर्माण शासन के मानकों अनुरूप कराना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। मानकों के अनुरूप निर्माण पूरा होने के बाद स्टेडियम को हैंडओवर लिया जाएगा। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- नूर हसन, जिला क्रीड़ा अधिकारी, अमरोहा।
पवेलियन में कहीं क्रैक नहीं है। हेयर क्रैक तो आ जाते हैं, वह सही हो जाएगा। बाहर एकाध हेयर क्रेक आ गया होगा। निर्माण में मानकों का पूरा ध्यान रखा गया है।
- डीबी सिंह, सहायक अभियंता, राजकीय निर्माण निगम मुरादाबाद
स्टेडियम अभी हैंडओवर नहीं हुआ है, जो भी गड़बड़ी होगी उसी पैसों में संस्था को ठीक करना होगा। कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।- बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा
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जनपद के अमरोहा नगर में एक मिनी स्टेडियम है। लेकिन मालीखेड़ा गांव के पास 53 बीघा जमीन में 10.69 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। पांच जनवरी 2018 को कैबिनेट मंत्री रहे पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने शिलान्यास किया था। तभी से स्टेडियम का निर्माण चल रहा है। वर्तमान में स्टेडियम का निर्माण अंतिम दौर में है। यह स्टेडियम 30 अप्रैल 2021 को खेल विभाग के हैंडओवर किया जाना था। कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसको लेकर डीएम बीके त्रिपाठी और नौगांवा सादात विधायक संगीता चौहान ने नाराजगी व्यक्त की थी। बार-बार अधिकारी गुणवत्ता को लेकर हिदायत देते रहे। लेकिन, उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। ये ही वजह रही कि 19 जुलाई को मानसून की पहली बारिश स्टेडियम की करीब 60 मीटर लंबी दीवार गिर गई। जबकि 20 मीटर दीवार झुक गई थी।
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डीएम बीके त्रिपाठी से दीवार गिरने के मामले की जांच एसडीएम सदर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी और कार्यदायी संस्था के आरईएस की संयुक्त कमेटी गठित कर जांच कराई। जिसमें मानकों की अनदेखी का खुलासा हुआ था। आरोप था कि कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा ठेकेदार से मिट्टी का भराव उचित संघनन नहीं कराया गया। निर्माण के समय मानकों के अनुरूप दीवार नहीं बनाई गई थी। जिस कारण पूरी दीवार पलट गई। स्टेडियम के निर्माण गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। स्टेडियम के पवेलियन के निर्माण में भी घटिया सामग्री लगने की आशंका बनी हुई है। क्योंकि स्टेडियम के हैंडओवर होने के पहले ही पवेलियन की दीवार और सीढ़ियों में भी दरार नजर आ रही हैं। दीवारों पर की गई वॉल पुट्टी भी उधड़ने लगी है।
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स्टेडियम 30 अप्रैल को हैंडओवर होना था। लेकिन, निर्माण पूरा नहीं होने के कारण नहीं हो सका। स्टेडियम का निर्माण शासन के मानकों अनुरूप कराना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। मानकों के अनुरूप निर्माण पूरा होने के बाद स्टेडियम को हैंडओवर लिया जाएगा। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- नूर हसन, जिला क्रीड़ा अधिकारी, अमरोहा।
पवेलियन में कहीं क्रैक नहीं है। हेयर क्रैक तो आ जाते हैं, वह सही हो जाएगा। बाहर एकाध हेयर क्रेक आ गया होगा। निर्माण में मानकों का पूरा ध्यान रखा गया है।
- डीबी सिंह, सहायक अभियंता, राजकीय निर्माण निगम मुरादाबाद
स्टेडियम अभी हैंडओवर नहीं हुआ है, जो भी गड़बड़ी होगी उसी पैसों में संस्था को ठीक करना होगा। कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।- बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा