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Amroha News: वन सेंचुरी जोन में अवैध पटाखा फैक्टरी की शिकायत, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
Tue, 12 May 2026 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 12 May 2026 02:14 AM IST
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अमरोहा। गजरौला क्षेत्र के गांव कांकाठेर में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में फैक्टरी पर प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल, अवैध भंडारण और वन विभाग के सेंचुरी जोन में संचालन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हलचल मच गई है।
गांव कांकाठेर में संचालित फैक्टरी में अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोराइड और प्रतिबंधित एल्युमीनियम ट्रिपल पाउडर जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग कर पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत यहां ग्रीन पटाखों के बजाय अधिक विस्फोटक सामग्री वाले पटाखे बनाए जा रहे हैं।
आरोप है कि फैक्टरी संचालकों के पास केवल 20 से 25 किलो भंडारण का लाइसेंस है, जबकि मौके पर एक से दो हजार किलो तक पटाखों का भंडारण किया जाता है। साथ ही फैक्टरी का नक्शा ग्राम पंचायत या जिला पंचायत से स्वीकृत नहीं है। जीएसटी पंजीकरण नहीं होने से राजस्व हानि का भी आरोप लगाया गया है। आरोप यह है कि फैक्टरी वन विभाग के सेंचुरी जोन में संचालित हो रही है।
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शिकायत में स्थानीय पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन और श्रम विभाग के कुछ कर्मचारियों पर मिलीभगत और सुविधा शुल्क लेकर संरक्षण देने का आरोप है। मुख्यमंत्री से फैक्टरी की गुप्त जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत की प्रतियां डीजीपी, डीएम अमरोहा समेत कई अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
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गांव कांकाठेर में संचालित फैक्टरी में अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोराइड और प्रतिबंधित एल्युमीनियम ट्रिपल पाउडर जैसे खतरनाक रसायनों का उपयोग कर पटाखे तैयार किए जा रहे हैं। आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत यहां ग्रीन पटाखों के बजाय अधिक विस्फोटक सामग्री वाले पटाखे बनाए जा रहे हैं।
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आरोप है कि फैक्टरी संचालकों के पास केवल 20 से 25 किलो भंडारण का लाइसेंस है, जबकि मौके पर एक से दो हजार किलो तक पटाखों का भंडारण किया जाता है। साथ ही फैक्टरी का नक्शा ग्राम पंचायत या जिला पंचायत से स्वीकृत नहीं है। जीएसटी पंजीकरण नहीं होने से राजस्व हानि का भी आरोप लगाया गया है। आरोप यह है कि फैक्टरी वन विभाग के सेंचुरी जोन में संचालित हो रही है।
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शिकायत में स्थानीय पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन और श्रम विभाग के कुछ कर्मचारियों पर मिलीभगत और सुविधा शुल्क लेकर संरक्षण देने का आरोप है। मुख्यमंत्री से फैक्टरी की गुप्त जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत की प्रतियां डीजीपी, डीएम अमरोहा समेत कई अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।