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Amroha News: जीएसटी भुगतान में गड़बड़ी पर कमिश्नर ने लिया संज्ञान, सीडीओ दफ्तर की रिपोर्ट मानी भ्रामक
Mon, 24 Mar 2025 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 24 Mar 2025 02:12 AM IST
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अमरोहा। कमिश्नर आन्जनेय कुमार ने ब्लाॅक हसनपुर में रजिस्टर्ड फर्म मैसर्स श्री श्याम जी ट्रेडर्स द्वारा किए गए जीएसटी भुगतान में 21.28 लाख की गड़बड़ी का संज्ञान लिया है।
उन्होंने सीडीओ कार्यालय द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को भ्रामक माना है। साथ ही डीएम को मनरेगा, राज्य वित्त व 15वें वित्त योजनाओं में संबंधित फर्मों को किए गए भुगतान की जांच कराने, कर चोरी करने वाली फर्मों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
बीते फरवरी माह में कमिश्नर ने सीडीओ से मैसर्स श्री श्याम जी ट्रेडर्स द्वारा वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक जीएसटी के किए भुगतान व भुगतान के सापेक्ष जमा की गई जीएसटी के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर सीडीओ ने फर्म के वर्ष 2021-22 में जीएसटी भुगतान शून्य, वर्ष 2022-23 में 9.97 लाख, वर्ष 2023-24 में 11.99 लाख रुपये दिखाते हुए रिपोर्ट भेजी थी। आंकड़ों के अनुसार फर्म को 2021-22 में 8.53 लाख रुपये, 2022-23 में 16.18 लाख रुपये, वर्ष 2023-24 में 8.14 लाख जीएसटी भुगतान किया है। वहीं, एमआईएस पर वर्ष 2023-24 में जीएसटी 20.38 लाख 709 रुपये भुगतान के लिए बुक है। फर्म को कुल 53.24 लाख रुपये की जीएसटी जमा करनी है। आंकड़ों में अंतर सामने आने के उन्होंने पाया है कि सीडीओ की सूचना भ्रामक है और वह कर अपवंचन के प्रकरणों की जांच को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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उन्होंने डीएम को जांच के आदेश दिए थे। इस पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मनरेगा, राज्य वित्त व 15वें वित्त योजनाओं में बीते वर्षों में संबंधित फर्मों को किए गए भुगतान को लेकर फर्मों की जांच को तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
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उन्होंने सीडीओ कार्यालय द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को भ्रामक माना है। साथ ही डीएम को मनरेगा, राज्य वित्त व 15वें वित्त योजनाओं में संबंधित फर्मों को किए गए भुगतान की जांच कराने, कर चोरी करने वाली फर्मों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
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बीते फरवरी माह में कमिश्नर ने सीडीओ से मैसर्स श्री श्याम जी ट्रेडर्स द्वारा वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक जीएसटी के किए भुगतान व भुगतान के सापेक्ष जमा की गई जीएसटी के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर सीडीओ ने फर्म के वर्ष 2021-22 में जीएसटी भुगतान शून्य, वर्ष 2022-23 में 9.97 लाख, वर्ष 2023-24 में 11.99 लाख रुपये दिखाते हुए रिपोर्ट भेजी थी। आंकड़ों के अनुसार फर्म को 2021-22 में 8.53 लाख रुपये, 2022-23 में 16.18 लाख रुपये, वर्ष 2023-24 में 8.14 लाख जीएसटी भुगतान किया है। वहीं, एमआईएस पर वर्ष 2023-24 में जीएसटी 20.38 लाख 709 रुपये भुगतान के लिए बुक है। फर्म को कुल 53.24 लाख रुपये की जीएसटी जमा करनी है। आंकड़ों में अंतर सामने आने के उन्होंने पाया है कि सीडीओ की सूचना भ्रामक है और वह कर अपवंचन के प्रकरणों की जांच को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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उन्होंने डीएम को जांच के आदेश दिए थे। इस पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मनरेगा, राज्य वित्त व 15वें वित्त योजनाओं में बीते वर्षों में संबंधित फर्मों को किए गए भुगतान को लेकर फर्मों की जांच को तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।