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Amroha News: बैंकों की सुस्ती से पटरी से उतरी सीएम युवा उद्यमी योजना, 1652 युवा लोन के इंतजार में
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- लक्ष्य 1800 का, ऑनलाइन आवेदन मिले 2000, सिर्फ 348 को मिला ब्याजमुक्त ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। युवाओं को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जिले में बैंक अधिकारियों की उदासीनता का शिकार होती नजर आ रही है। सरकार जहां ब्याजमुक्त ऋण देकर युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं बैंक शाखाओं की लेटलतीफी और लापरवाही योजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा रही है। नतीजा यह है कि सैकड़ों युवा महीनों से बैंक शाखाओं के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 1800 युवाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले जिले से 2000 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन अब तक केवल 348 युवाओं को ही योजना के तहत ऋण मिल सका है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बैंकों ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर करीब 1652 आवेदन लंबित पड़े हैं। आवेदकों का आरोप है कि उनसे बार-बार नए दस्तावेज मांगे जाते हैं और कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती।
उधर, प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 10 से 20 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसके बावजूद नए उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे युवाओं को बैंक ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं। कई फाइलें महीनों तक बैंकों में लंबित रहने के बाद अस्वीकृत कर दी जाती हैं। युवाओं का कहना है कि यदि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत कर दें तो वे अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे। सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब बैंक भी उसी गंभीरता से काम करें।
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योजना एक नजर में
लक्ष्य : 1,800 लाभार्थी
प्राप्त आवेदन : 2000
ऋण प्राप्त लाभार्थी : 348
लंबित आवेदन : 1652
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हर महीने समीक्षा के बाद भी नहीं सुधर रही स्थिति
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए डीएम लगातार प्रत्येक माह बैंक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। बड़ी संख्या में ऋण आवेदन अब भी लंबित हैं, जिससे योजना का लाभ पात्र युवाओं तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
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बैंक के चक्कर काट रहे युवा, टूट रहा उद्यमी बनने का सपना
आवेदक राजपाल सिंह का आरोप है कि बैंक आसानी से ऋण फाइलें स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। इसके चलते आवेदकों को कभी बैंक तो कभी जिला उद्योग केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बैंक अधिकारियों द्वारा दूसरे बैंक में खाता खुलवाने की सलाह देकर आवेदन आगे नहीं बढ़ाया जाता। ऐसे में पात्र युवाओं का स्वरोजगार शुरू करने और युवा उद्यमी बनने का सपना अधूरा रह जाता है।
.........
सीएम युवा उद्यमी योजना की डीएम और सीडीओ स्तर से हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। बैंकों के प्रतिनिधि भी रहते हैं। जिन बैंकों का लक्ष्य कम हैं। उनको मीटिंग में बुलाया गया है। अनूप श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। युवाओं को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जिले में बैंक अधिकारियों की उदासीनता का शिकार होती नजर आ रही है। सरकार जहां ब्याजमुक्त ऋण देकर युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं बैंक शाखाओं की लेटलतीफी और लापरवाही योजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा रही है। नतीजा यह है कि सैकड़ों युवा महीनों से बैंक शाखाओं के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 1800 युवाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले जिले से 2000 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन अब तक केवल 348 युवाओं को ही योजना के तहत ऋण मिल सका है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बैंकों ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर करीब 1652 आवेदन लंबित पड़े हैं। आवेदकों का आरोप है कि उनसे बार-बार नए दस्तावेज मांगे जाते हैं और कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती।
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उधर, प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 10 से 20 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसके बावजूद नए उद्योग लगाने की तैयारी कर रहे युवाओं को बैंक ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं। कई फाइलें महीनों तक बैंकों में लंबित रहने के बाद अस्वीकृत कर दी जाती हैं। युवाओं का कहना है कि यदि बैंक समय पर ऋण स्वीकृत कर दें तो वे अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे। सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब बैंक भी उसी गंभीरता से काम करें।
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योजना एक नजर में
लक्ष्य : 1,800 लाभार्थी
प्राप्त आवेदन : 2000
ऋण प्राप्त लाभार्थी : 348
लंबित आवेदन : 1652
हर महीने समीक्षा के बाद भी नहीं सुधर रही स्थिति
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए डीएम लगातार प्रत्येक माह बैंक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दे रहे हैं। इसके बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। बड़ी संख्या में ऋण आवेदन अब भी लंबित हैं, जिससे योजना का लाभ पात्र युवाओं तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
बैंक के चक्कर काट रहे युवा, टूट रहा उद्यमी बनने का सपना
आवेदक राजपाल सिंह का आरोप है कि बैंक आसानी से ऋण फाइलें स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। इसके चलते आवेदकों को कभी बैंक तो कभी जिला उद्योग केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बैंक अधिकारियों द्वारा दूसरे बैंक में खाता खुलवाने की सलाह देकर आवेदन आगे नहीं बढ़ाया जाता। ऐसे में पात्र युवाओं का स्वरोजगार शुरू करने और युवा उद्यमी बनने का सपना अधूरा रह जाता है।
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सीएम युवा उद्यमी योजना की डीएम और सीडीओ स्तर से हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है। बैंकों के प्रतिनिधि भी रहते हैं। जिन बैंकों का लक्ष्य कम हैं। उनको मीटिंग में बुलाया गया है। अनूप श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग