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गजरौला में आठ माह की मासूम की बाल्टी में गिरने से मौत
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गजरौला(अमरोहा)। पानी से भरी बाल्टी में गिरकर आठ माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को चारपाई पर सोता छोड़कर उसकी मां खाना बनाने चली गई थी। चारपाई के पास ही पानी से भरी बाल्टी रखी थी। सोते वक्त जब बच्ची ने करवट ली तो वह बाल्टी में गिर गई। थोड़ी देर में जब उसकी मां वापस आई तो बच्ची को बाल्टी में गिरा देखकर उसके होश उड़ गए। परिजन उसे बाल्टी से निकालकर एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शनिवार की दोपहर यह घटना नगर के मोहल्ला अतरपुरा में आश्रम वाली गली में हुई। यहां रहने वाला सुमित एक फैक्टरी में काम करता है। शनिवार को वह काम पर गया हुआ था। घर में उसकी मां कमलेश और पत्नी पूजा के साथ ही आठ माह की बालिका पलक भी थी। दोपहर के समय पलक अपनी मां पूजा के साथ चारपाई पर सो रही थी। दादी कमलेश वहां नहीं थी। खाने का समय होने पर पूजा बच्ची को सोता छोड़कर रसोई में खाना बनाने चली गई। कुछ देर बाद जब पूजा लौटकर आई तो पलक चारपाई पर नहीं थी। पूजा के होश उड़ गए। इसी दौरान उसकी निगाह चारपाई के पास रखी पानी से भी प्लास्टिक की बाल्टी पर पड़ी। पलक पानी में औंधे मुंह पड़ी हुई थी। उसने बच्ची को बाल्टी से बाहर निकाला तो बेसुध हो चुकी थी। पूजा के चीखने-चिल्लाने पर आसपड़ोस के लोग भी एकत्र हो गए। आननफानन उसको एक निजी चिकित्सक के पास भी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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शनिवार की दोपहर यह घटना नगर के मोहल्ला अतरपुरा में आश्रम वाली गली में हुई। यहां रहने वाला सुमित एक फैक्टरी में काम करता है। शनिवार को वह काम पर गया हुआ था। घर में उसकी मां कमलेश और पत्नी पूजा के साथ ही आठ माह की बालिका पलक भी थी। दोपहर के समय पलक अपनी मां पूजा के साथ चारपाई पर सो रही थी। दादी कमलेश वहां नहीं थी। खाने का समय होने पर पूजा बच्ची को सोता छोड़कर रसोई में खाना बनाने चली गई। कुछ देर बाद जब पूजा लौटकर आई तो पलक चारपाई पर नहीं थी। पूजा के होश उड़ गए। इसी दौरान उसकी निगाह चारपाई के पास रखी पानी से भी प्लास्टिक की बाल्टी पर पड़ी। पलक पानी में औंधे मुंह पड़ी हुई थी। उसने बच्ची को बाल्टी से बाहर निकाला तो बेसुध हो चुकी थी। पूजा के चीखने-चिल्लाने पर आसपड़ोस के लोग भी एकत्र हो गए। आननफानन उसको एक निजी चिकित्सक के पास भी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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