{"_id":"67d318afbc4b94531d063a39","slug":"chemical-colours-should-not-increase-your-problems-be-careful-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-136012-2025-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: केमिकलयुक्त रंग न बढ़ा दे आपकी परेशानी, बरतें सावधानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: केमिकलयुक्त रंग न बढ़ा दे आपकी परेशानी, बरतें सावधानी
विज्ञापन
अमरोहा।
रंग, उत्साह और उमंग के त्योहार की जिलेभर में धूम है। रंगों के इस त्योहार गुझिया-ठंडाई और पकवान का भी विशेष महत्व है, लेकिन त्योहार पर कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर अस्थमा और डायबिटीज के रोगी को। केमिकल युक्त रंग अस्थमा पीड़ितों के साथ अन्य लोगों की भी परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं, मिलावटी या सिंथेटिक मावे की गुझिया का जायका भी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि होली पर मिठाई के रूप में गुझियों का चलन है। होली पर एक-दूसरे के घर आने वाले लोगों का गुझिया से मुंह मीठा कराया जाता है। एक-दूसरे को उपहार स्वरूप गुझिया भेंट की जाती हैं। वहीं, त्योहार की आड़ में मुनाफाखोर सेहत से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। बाजार में गुझियों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मिलावटी या सिंथेटिक मावे की गुझिया आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। उधर, रंगों के हुड़दंग में सावधानियां बरतने की जरूरत है। रासायनिक रंगों से परहेज करें। केवल हर्बल रंगों से होली खेलें। रासायनिक रंगों से बचते हुए हर्बल रंगों से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। आंख और सांस में संक्रमण का भी खतरा रहता है।
विज्ञापन
ये सावधानियां बरतें
- होली खेलने से पहले चेहरे व हाथों पर हल्का सरसों को तेल लगा लें।
- होली के रंग चेहरे से छुटाने के लिए चेहरे को बार-बार कपड़े से न रगड़ें।
- ताजे पानी से चेहरे को कई बार धोएं, साबुन का प्रयोग कर सकते हैं।
- मिट्टी के तेल का प्रयोग चेहरे से रंग छुटाने में न करें।
- बच्चों को ठंडे पानी से होली न खेलने दें, इससे बच्चे बीमार हो सकते हैं।
- कीचड़, गंदे पानी आदि से होली न खेलें।
- पक्के रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों से होली खेलें।
- टेसू के फूलों से तैयार रंगों से ही होली खेलें।
विज्ञापन
रंग, उत्साह और उमंग के त्योहार की जिलेभर में धूम है। रंगों के इस त्योहार गुझिया-ठंडाई और पकवान का भी विशेष महत्व है, लेकिन त्योहार पर कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर अस्थमा और डायबिटीज के रोगी को। केमिकल युक्त रंग अस्थमा पीड़ितों के साथ अन्य लोगों की भी परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं, मिलावटी या सिंथेटिक मावे की गुझिया का जायका भी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि होली पर मिठाई के रूप में गुझियों का चलन है। होली पर एक-दूसरे के घर आने वाले लोगों का गुझिया से मुंह मीठा कराया जाता है। एक-दूसरे को उपहार स्वरूप गुझिया भेंट की जाती हैं। वहीं, त्योहार की आड़ में मुनाफाखोर सेहत से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। बाजार में गुझियों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
मिलावटी या सिंथेटिक मावे की गुझिया आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। उधर, रंगों के हुड़दंग में सावधानियां बरतने की जरूरत है। रासायनिक रंगों से परहेज करें। केवल हर्बल रंगों से होली खेलें। रासायनिक रंगों से बचते हुए हर्बल रंगों से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। आंख और सांस में संक्रमण का भी खतरा रहता है।
विज्ञापन
ये सावधानियां बरतें
- होली खेलने से पहले चेहरे व हाथों पर हल्का सरसों को तेल लगा लें।
- होली के रंग चेहरे से छुटाने के लिए चेहरे को बार-बार कपड़े से न रगड़ें।
- ताजे पानी से चेहरे को कई बार धोएं, साबुन का प्रयोग कर सकते हैं।
- मिट्टी के तेल का प्रयोग चेहरे से रंग छुटाने में न करें।
- बच्चों को ठंडे पानी से होली न खेलने दें, इससे बच्चे बीमार हो सकते हैं।
- कीचड़, गंदे पानी आदि से होली न खेलें।
- पक्के रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों से होली खेलें।
- टेसू के फूलों से तैयार रंगों से ही होली खेलें।