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बदल गया मुस्लिम शादियों में दावत का मीनू
अमरोहा/अनिल चौहान
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:12 AM IST
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कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बेटे के वलीमे में खाना खाते सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव।
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे एक ओर जहां मीट कारोबारी परेशान हो गए हैं, वहीं मुस्लिम समुदाय की शादियों का मीनू भी बदल गया है। पशुओं का कटान बंद होने से मुस्लिम समाज के शादी समारोह में बारातियों की थाली से बड़े की हलीम बिरयानी कोरमा सब गायब हो गया है।
उसकी जगह अब वेज बिरयानी, दाल व पनीर ने ले ली है। ज्यादातर शादियों में बाराती इन्हीं चीजों का जायका ले रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अवैध बूचड़खानों बंद करने के आदेश पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दिए थे।
जिसके बाद बड़े (भैंस व भैंसा) के मांस का व्यापार करने वाले कारोबारियों में खलबली मची है। पशुओं का कटान न होने का असर जहां कारोबार पर पड़ रहा है, वहीं मुस्लिम समाज की शादियों में भी उसका प्रभाव नजर आ रहा है। ज्यादातर शादियों में बड़े की बिरयानी, कोरमा, हलीम व कबाब के शौकीन अब परेशान नजर आ रहे हैं।
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घरों के बाद शादियों में भी उनका स्वाद नहीं मिल पा रहा है। बूचड़खाने बंद होने से बड़े के मांस की बिक्री ज्यादा नहीं हो पा रही है। लाइसेंसधारी ही उसको बेच रहे थे, लेकिन स्लाटर हाउस के सील होने से अब उसके भी लाले पड़ना लाजमी है। इसके चलते ही मुस्लिम विवाह की दावतों का मेन्यू पूरी तरह बदल गया है। अब मेहमान नवाजी में लोगों की थाली में बड़े की नहीं बल्कि वेज बिरयानी, कढ़ी, पनीर व अन्य सब्जियां परोसी जा रही हैं।
मुर्गे की बढ़ी डिमांड
अमरोहा। बूचड़खाने व स्लाटर हाउस बंद होते ही मुर्गे की डिमांड बढ़ गई हैं। विक्रेता नईम का कहा है कि मुस्लिम समाज के होटलों और शादियों के लिए मुर्गे की डिमांड में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, क्योंकि समाज के लोगों के पास बड़े के शौकीन बिरयानी, कोरमा और कबाब की जगह चिकन का सेवन करने को मजबूर हैं।
मुस्लिम होटलों में लग रहा दाल का तड़का
अमरोह। अवैध स्लाटर हाउस बंद होने से मुस्लिम होटलों से कोरमा गायब हो गया है। डिमांड बढ़ने के कारण मुर्गा भी पर्याप्त मात्रा में नही मिल रहा है। जिससे होटलों में भी अंडा, दाल व अन्य सब्जियों का ही तड़का लगाया जा रहा है।
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उसकी जगह अब वेज बिरयानी, दाल व पनीर ने ले ली है। ज्यादातर शादियों में बाराती इन्हीं चीजों का जायका ले रहे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अवैध बूचड़खानों बंद करने के आदेश पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दिए थे।
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जिसके बाद बड़े (भैंस व भैंसा) के मांस का व्यापार करने वाले कारोबारियों में खलबली मची है। पशुओं का कटान न होने का असर जहां कारोबार पर पड़ रहा है, वहीं मुस्लिम समाज की शादियों में भी उसका प्रभाव नजर आ रहा है। ज्यादातर शादियों में बड़े की बिरयानी, कोरमा, हलीम व कबाब के शौकीन अब परेशान नजर आ रहे हैं।
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घरों के बाद शादियों में भी उनका स्वाद नहीं मिल पा रहा है। बूचड़खाने बंद होने से बड़े के मांस की बिक्री ज्यादा नहीं हो पा रही है। लाइसेंसधारी ही उसको बेच रहे थे, लेकिन स्लाटर हाउस के सील होने से अब उसके भी लाले पड़ना लाजमी है। इसके चलते ही मुस्लिम विवाह की दावतों का मेन्यू पूरी तरह बदल गया है। अब मेहमान नवाजी में लोगों की थाली में बड़े की नहीं बल्कि वेज बिरयानी, कढ़ी, पनीर व अन्य सब्जियां परोसी जा रही हैं।
मुर्गे की बढ़ी डिमांड
अमरोहा। बूचड़खाने व स्लाटर हाउस बंद होते ही मुर्गे की डिमांड बढ़ गई हैं। विक्रेता नईम का कहा है कि मुस्लिम समाज के होटलों और शादियों के लिए मुर्गे की डिमांड में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, क्योंकि समाज के लोगों के पास बड़े के शौकीन बिरयानी, कोरमा और कबाब की जगह चिकन का सेवन करने को मजबूर हैं।
मुस्लिम होटलों में लग रहा दाल का तड़का
अमरोह। अवैध स्लाटर हाउस बंद होने से मुस्लिम होटलों से कोरमा गायब हो गया है। डिमांड बढ़ने के कारण मुर्गा भी पर्याप्त मात्रा में नही मिल रहा है। जिससे होटलों में भी अंडा, दाल व अन्य सब्जियों का ही तड़का लगाया जा रहा है।