अमरोहा में तकरार: भारत माता की जय पर भिड़े बसपा सांसद दानिश अली व भाजपा नेता हरि सिंह, हंगामे की यह रही वजह
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रविवार को अमरोहा रेलवे स्टेशन पर शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संवाद से पहले भाजपा एमएलसी डाॅ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय का नारा लगाकर की। इसके बाद वहां पर मौजूद भाजपाइयों ने भी भारत माता की जय और पार्टी के नारे लगाए। इसका मंच पर बैठे बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने विरोध शुरू कर दिया।
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अमरोहा में अमृत भारत स्टेशन योजना के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भाजपाइयों ने भारत माता की जय के नारे लगाए तो बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने इसका विरोध किया। कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम हैं न की भाजपा का। इस पर भाजपाई भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों व रेलवे के अधिकारियों ने दोनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़कर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुना गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रविवार को अमरोहा रेलवे स्टेशन पर शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संवाद से पहले भाजपा एमएलसी डाॅ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय का नारा लगाकर की।
इसके बाद वहां पर मौजूद भाजपाइयों ने भी भारत माता की जय और पार्टी के नारे लगाए। इसका मंच पर बैठे बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा यह भाजपा का नहीं बल्कि सरकारी कार्यक्रम है। सरकारी कार्यक्रम में इस तरह की नारेबाजी गलत है। बसपा सांसद के इस कथन को भारत माता के जयकारों का विरोध बताते हुए भाजपाई भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। एमएलसी ढिल्लो समेत अन्य भाजपा नेता भी विरोध में उतर आए और नोकझोंक शुरू हो गई। करीब 10 से 15 मिनट तक हंगामा होता रहा। बाद में पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर समेत अन्य भाजपा नेता और रेलवे अधिकारियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। जिसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री का संबोधन सुना गया। कार्यक्रम समाप्त होते ही सांसद कुंवर दानिश अली वहां से चले गए।
माइक पर बोलने को लेकर हुई नोकझोंक
रेलवे स्टेशन के शिलान्यास कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता खुलकर सामने आई। पहले भारत माता की जय के नारे को लेकर हंगामा हुआ। बाद में माइक पर बोलने को लेकर बसपा सांसद कुंवर दानिश अली और भाजपा के एमएलसी ढिल्लो के बीच जमकर नोकझोंक हुई। जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
पार्टी के जयकारों का किया विरोध : अली
भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सरकारी कार्यक्रम को भी पार्टी के कार्यक्रम में बदल देते हैं। किस हैसियत से इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां बैठे हुए थे। कार्यक्रम में विधायक और एमएलसी आ सकते हैं, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं का इस कार्यक्रम से कोई मतलब नहीं था। हमने भारत माता की जय के नारे का विरोध नहीं किया। यह आरोप सरासर गलत है। भारत माता हमारी भी हैं। सरकारी कार्यक्रम में पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, एमएलसी और पार्टी के नारे लगे जिसका हमने विरोध किया। करदाताओं के पैसे के कार्यक्रम को भी भाजपा के लोग पार्टी का कार्यक्रम समझते हैं। ये इनकी भूल है। हम चुप बैठने वालों में से नहीं हैं।
भारत माता की जय का नारा किसी पार्टी का नहीं: ढिल्लो
दानिश अली लोकसभा के सदस्य हैं। बावजूद इसके भारत माता की जय के नारे का उन्होंने विरोध किया। सांसद का कहना है कि सरकारी कार्यक्रम है यहां आप पार्टी विशेष के नारे नहीं लगा सकते। जबकि भारत माता की जय का नारा किसी पार्टी विशेष का नहीं है, यह देश के हर नागरिक का है। लोकसभा चुनाव सिर पर है, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यक्रम को खराब करने के लिए हंगामा किया। सांसद दानिश अली ने अपने पास में अपने प्रतिनिधि को बैठाया। हमनें तो इसका भी विरोध नहीं किया। जबकि कार्यक्रम में प्रतिनिधि के बैठने का क्या मतलब जब खुद सांसद मौजूद थे।
सरकारी कार्यक्रम में पार्टी के नारे लगाना गलत : मस्तराम यादव
सपा जिलाध्यक्ष ने मस्तराम यादव ने कहा कि सामूहिक कार्यक्रम में जिस तरह से दो जनप्रतिनिधि आमने-सामने आए, वह सामाजिक व राजनीतिक रूप से गलत है। रेलवे स्टेशन के शिलान्यास का कार्यक्रम सरकारी था, लेकिन भाजपाइयों ने पार्टी संबंधी नारे लगाए। यह भी पूरी तरह से गलत है। जनता के बीच सामूहिक कार्यक्रम में जो हुआ, वह गलत है।