फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Blood bank on the verge of drying up, no B and AB negative blood

Amroha News: सूखने की कगार पर ब्लड बैंक, बी और एबी निगेटिव खून नहीं

Wed, 27 Aug 2025 02:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Wed, 27 Aug 2025 02:37 AM IST
विज्ञापन
Blood bank on the verge of drying up, no B and AB negative blood
जिला अस्पताल ब्लड बैंक​ ​में खून की जांच करते डॉक्टर व कर्मचारी। स्रोत कर्मचारी
अमरोहा। इन दिनों बीमारियां पैर पसार रही है। बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स गिर रही हैं। अब तक डेंगू के तीन मरीज मिल चुके हैं। वहीं, बढ़ती बीमारियों के बीच जिला अस्पताल की ब्लड बैंक सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ए-पॉजिटिव ब्लड ग्रुप को छोड़कर सभी ग्रुप के खून की कमी है। स्थिति यह है कि महत्वपूर्ण ब्लड में गिने जाने वाले चार तरह के ग्रुप की सिर्फ एक-एक यूनिट बची है जबकि बी-निगेटिव और एबी निगेटिव ब्लड ग्रुप ही का स्टाक खत्म है। ऐसे में अगर हादसे में घायलों या ज्यादा संख्या में गर्भवतियों को ब्लड की जरूरत पड़ जाए तो दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन

कई बार हादसों में घायल मरीजों को ब्लड नहीं होने की स्थिति में परेशानी उठानी होती है। तीमारदार निजी ब्लड बैंक से महंगे दामों में खून खरीदने को मजबूर है। उधर, ए निगेटिव, ओ पॉजिटिव, ओ निगेटिव एक-एक यूनिट ब्लड बचा है जबकि बी पॉजिटिव दो, एबी पॉजिटिव चार और ए पॉजिटिव की नौ यूनिट हैं। जिला अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक की क्षमता 350 यूनिट रक्त संग्रहीत करने की थी लेकिन ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित होने के बाद इसके क्षमता 600 यूनिट की हो गई है। वहीं, वर्तमान में ब्लड यूनिट में सिर्फ 18 यूनिट ही रक्त मौजूद है। इसमें भी बी निगेटिव और एबी निगेटिव ग्रुप का रक्त नहीं है। वहीं सेपरेशन यूनिट में सिर्फ ए-पॉजिटिव की दो और ओ पॉजिटिव की एक यूनिट प्लेटलेट्स बची है।
विज्ञापन

----------------------
ब्लड बैंक में रक्त की स्थिति
ए-पॉजिटिव------09
ए निगेटिव-------01
बी-पॉजिटिव-----02
बी-निगेटिव -----00
ओ-पॉजिटिव-----01
ओ निगेटिव-------01
ए-बी पॉजिटिव---04
ए-बी निगेटिव-----00
----------------------
तीन यूनिट प्लेटलेट्स मौजूद
ए-पॉजिटिव-----02
ओ-पॉजिटिव----01
---------------------
इन बीमारियों में पड़ती है ब्लड की जरूरत
एनीमिया, प्रसव के पूर्व, प्रसव के उपरांत डिलीवरी के बाद, मेजर सड़क दुर्घटना में रक्त रिसाव होने पर, थैलेसिमिया, ऑपरेशन, कैंसर, किडनी फेल्योर के मरीजों को अक्सर खून की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------
इस समय ब्लड बैंक में कुछ ग्रुप के रक्त की कमी है। बी निगेटिव और एबी निगेटिव ब्लड नहीं है। जरूरत पड़ने पर फोन कॉल करके डोनरों से रक्त की पूर्ति की जा रही है। जल्द ही सामाजिक संस्था के साथ मिलकर रक्तान शिविर लगवाया जाएगा। जिससे ब्लड बैंक में खून की भरपूर व्यवस्था हो सके। -प्रमोद कुमार, प्रभारी, ब्लड बैंक जिला अस्पताल
-------------------
ब्लड बैंक कर्मियों की सूझबूझ से चल रहा काम
ब्लड बैंक में रक्त यूनिट लगभग खत्म हो चुका है। केवल 18 यूनिट ही बची है। बावजूद इसके ब्लड बैंक कर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी है। उनका कहना है कि अगर इमरजेंसी में ब्लड की जरूरत पड़ती है तो पहले प्राथमिकता मरीज के परिजनों को दी जाती है। जिससे उनके खून का मैच कर दिया जा सके। अन्यथा कुछ स्वैच्छिक डोनर लगातार संपर्क में बने रहते हैं। उन्हें बुलाकर आपात स्थिति में खून की पूर्ति की जा रही है।

--------------------
हर महीने में थैलेसीमिया से पीड़ित को पड़ती है ब्लड की जरूरत
मां-बाप से बच्चों में आने वाली अनुवांशिक बीमारी थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को जिंदगीभर खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती रहती है। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में करीब 55 मरीज पंजीकृत हैं जिन्हें समय समय पर खून चढ़ाया जाता है। अधिकांश मरीजों को हर महीने खून की जरूरत पड़ती है। किसी-किसी बच्चे को महीने में दो बार भी रक्त की जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक के नियमानुसार किसी भी मरीज को खून देने के लिए उसके परिजन से एक यूनिट रक्तदान कराया जाता है। थैलेसीमिया के मरीजों को हर महीने खून की जरूरत पड़ती है, इसलिए उन्हें बिना रक्तदान मुफ्त में खून मुहैया कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed