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भाभी की हारः दरकने लगा महबूब का किला
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 06 Oct 2016 01:00 AM IST
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जिला पंचायत सदस्य उप चुनाव में भाई की पत्नी की हार से महबूब का किला दरकने लगा है। अपने ही गढ़ में वह भाई की पत्नी को नहीं जिता पाए हैं। ऐसे में मिशन 2017 में दरकते किले को संभालना मुश्किल होगा। प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला होगा, लेकिन हार व जीत का फैसला वोटर ही करेंगे।
वार्ड नंबर 26 में यूं तो अमरोहा विधानसभा क्षेत्र के अस्सी फीसदी गांव शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री महबूब अली का यह मजबूत क्षेत्र है। हर बार इससे ही वह जीतकर विधायक बनते हैं। बेटे परवेज अली को उन्होंने इसी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाकर राजनीति में उतारा है, लेकिन उनके एमएलसी बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
बेटे के एमएलसी बनने के बाद अब उनके भाई महमूद अली उर्फ भूरा ने अपनी पत्नी फात्मा बेगम को उपचुनाव में उतारा था, मतदाताओं पर पकड़ बनाने के उन्होंने पूरे प्रयास किए, मगर सफल नहीं हो पाए। नतीजतन फात्मा को चुनावी हार का सामना करना पड़ा। यह शिकस्त कैबिनेट मंत्री के लिए भविष्य की चुनौती बनकर सामने आई है। क्योंकि आगे विधानसभा चुनाव भी है।
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वार्ड नंबर 26 में यूं तो अमरोहा विधानसभा क्षेत्र के अस्सी फीसदी गांव शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री महबूब अली का यह मजबूत क्षेत्र है। हर बार इससे ही वह जीतकर विधायक बनते हैं। बेटे परवेज अली को उन्होंने इसी क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाकर राजनीति में उतारा है, लेकिन उनके एमएलसी बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।
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बेटे के एमएलसी बनने के बाद अब उनके भाई महमूद अली उर्फ भूरा ने अपनी पत्नी फात्मा बेगम को उपचुनाव में उतारा था, मतदाताओं पर पकड़ बनाने के उन्होंने पूरे प्रयास किए, मगर सफल नहीं हो पाए। नतीजतन फात्मा को चुनावी हार का सामना करना पड़ा। यह शिकस्त कैबिनेट मंत्री के लिए भविष्य की चुनौती बनकर सामने आई है। क्योंकि आगे विधानसभा चुनाव भी है।
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