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सर्दी के मौसम में दिल को रखें संभाल कर...
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अमरोहा। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। ऐसे में दिल को थोड़ा संभाल कर रखने की जरूरत है। सर्दी बढ़ने के साथ हृदयाघात के मामले बढ़ने लगे हैं। 40 साल से अधिक उम्र के कई लोगों को हार्टअटैक जैसी समस्या देखने को मिली है जबकि 40 साल से कम के युवा भी हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां ऐसे मरीजों की भरमार है। इस सीजन में युवा वर्ग के 25 मरीज सामने आए हैं। कुछ वर्षों पहले तक अधिक मोटा अथवा उम्रदराज के लोगों में हृदयाघात की समस्या देखने को मिलती थी। लेकिन अनियमित दिनचर्या और खान-पान बिगड़ने के कारण यह बीमारी हर तबके के लोगों में बढ़ गई है। सर्दी में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जो कि हार्टअटैक का का कारण बन सकता है
मुख्य चिकित्सक अधिकारी डा. सौभाग्य प्रकाश और सीएमएस एके सिंह की माने तो सर्द मौसम का सबसे ज्यादा असर दिल के रोगियों पर पड़ता है। इस समय खांसी जुकाम के अलावा अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज हृदय रोग के हैं। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार से दस बजे तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे में इस दौरान उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी ज्यादा होती है तो ऐसे लोगों में केटीकोलामीन का रिसाव बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन हेमरेज और हार्टअटैक का खतरा बढ़ता है। ऐसे में ऐसे रोगियों को ब्लड प्रेशर की दवाई नहीं छोड़नी चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए भोजन में नमक और चिकनाई का प्रयोग कम करना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम, योग और ध्यान आदि करना चाहिए। इससे मानसिक तनाव कम होता है। सर्दी में दिल के रोगियों को अपने दिल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिला अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें 20-25 मरीज हृदय रोग से पीड़ित हैं। जनरल फिजिशियन डॉ. फाइल अली ने बताया कि धूम्रपान करने वाले, अधिक नमक लेने वाले, अधिक शराब पीने वाले, गुस्सा और चिंता करने वाले, डायबिटिक से पीड़ित मरीज, मोटापा और व्यायाम नहीं करने वाले लोगों में हार्टअटैक की आशंका ज्यादा रहती है।
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मुख्य चिकित्सक अधिकारी डा. सौभाग्य प्रकाश और सीएमएस एके सिंह की माने तो सर्द मौसम का सबसे ज्यादा असर दिल के रोगियों पर पड़ता है। इस समय खांसी जुकाम के अलावा अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज हृदय रोग के हैं। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार से दस बजे तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे में इस दौरान उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी ज्यादा होती है तो ऐसे लोगों में केटीकोलामीन का रिसाव बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन हेमरेज और हार्टअटैक का खतरा बढ़ता है। ऐसे में ऐसे रोगियों को ब्लड प्रेशर की दवाई नहीं छोड़नी चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए भोजन में नमक और चिकनाई का प्रयोग कम करना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम, योग और ध्यान आदि करना चाहिए। इससे मानसिक तनाव कम होता है। सर्दी में दिल के रोगियों को अपने दिल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिला अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें 20-25 मरीज हृदय रोग से पीड़ित हैं। जनरल फिजिशियन डॉ. फाइल अली ने बताया कि धूम्रपान करने वाले, अधिक नमक लेने वाले, अधिक शराब पीने वाले, गुस्सा और चिंता करने वाले, डायबिटिक से पीड़ित मरीज, मोटापा और व्यायाम नहीं करने वाले लोगों में हार्टअटैक की आशंका ज्यादा रहती है।
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