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ग्राहकों के बोझ से ‘कराहे’ बैंक, अब तक चार अरब जमा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:06 AM IST
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अमरोहा के पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में रुपये जमा करने के लिए उपभोक्ताओं की लगी भीड़।
- फोटो : amar ujala
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दूसरे दिन जिले भर के बैंकों में ग्राहकों का सैलाब उमड़ा रहा। पहले दिन से आज ज्यादा भीड़ नजर आई। ग्राहकों की भीड़ से बैंक ‘कराह’ उठे। भीड़ को देखते हुए दो-दो काउंटर प्रत्येक बैंक में बढ़ाए गए। चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर अधिकारी तक कार्य में लगे रहे। शुक्रवार को बैंकों में नोट जमा करने का आंकड़ा तीन से बढ़कर चार अरब तक पहुंच गया है। अधिकतर बैंक में केवल कैश ही जमा किया गया है, बदले में नोट नहीं दिए गए हैं।
जब से 500 व 1000 के नोट बंद हुए हैं तब से लोग बेचैन हैं। आम जन से लेकर व्यापारी तक दुविधा में पड़े हैं कि आखिर क्या किया जाए। गत गुरुवार को जब बैंकों के ताले खुले तो उपभोक्ताओं की भारी भीड़ पहुंच गई। शाम तक लोग कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। आधी रात तक कर्मचारियों ने बैंकों में काम किया। शुक्रवार को दूसरे दिन बैंक का नजारा कुछ और ही दिखाई दिया।
पहले दिन से अधिक उपभोक्ता बैंकों में नजर आए। पहले मैं-पहले मैं की आपाधापी मची रही। मौके पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझाकर लाइनों में खड़ा कराया।
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एसबीआई की मुख्य ब्रांच में विदड्राल के जरिए धनराशि का भुगतान किया गया, मगर दस हजार से ज्यादा किसी को नहीं दी गई। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य ब्रांच में केवल रुपये जमा किए गए। जनपद भर की प्रथमा बैंक का भी यही हाल रहा।
सिर्फ नोट ही जमा करने को कार्रवाई हुई। सिंडीकेट, यूनियन, आईडीबीआई व कैलसा क्षेत्र की प्रथमा बैंक आदि में भी नोट जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके एवज में विद ड्रॉल के जरिए 500 व 1000 रुपये ही उपभोक्ताओं को खर्च करने के हिसाब से बदले में वापस दिए गए। जनपद की सभी बैंक में तकरीबन चार अरब से अधिक के नोट जमा हुए हैं। संबंधित पेज चार पर
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जब से 500 व 1000 के नोट बंद हुए हैं तब से लोग बेचैन हैं। आम जन से लेकर व्यापारी तक दुविधा में पड़े हैं कि आखिर क्या किया जाए। गत गुरुवार को जब बैंकों के ताले खुले तो उपभोक्ताओं की भारी भीड़ पहुंच गई। शाम तक लोग कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। आधी रात तक कर्मचारियों ने बैंकों में काम किया। शुक्रवार को दूसरे दिन बैंक का नजारा कुछ और ही दिखाई दिया।
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पहले दिन से अधिक उपभोक्ता बैंकों में नजर आए। पहले मैं-पहले मैं की आपाधापी मची रही। मौके पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझाकर लाइनों में खड़ा कराया।
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एसबीआई की मुख्य ब्रांच में विदड्राल के जरिए धनराशि का भुगतान किया गया, मगर दस हजार से ज्यादा किसी को नहीं दी गई। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य ब्रांच में केवल रुपये जमा किए गए। जनपद भर की प्रथमा बैंक का भी यही हाल रहा।
सिर्फ नोट ही जमा करने को कार्रवाई हुई। सिंडीकेट, यूनियन, आईडीबीआई व कैलसा क्षेत्र की प्रथमा बैंक आदि में भी नोट जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके एवज में विद ड्रॉल के जरिए 500 व 1000 रुपये ही उपभोक्ताओं को खर्च करने के हिसाब से बदले में वापस दिए गए। जनपद की सभी बैंक में तकरीबन चार अरब से अधिक के नोट जमा हुए हैं। संबंधित पेज चार पर