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Amroha News: 1985 में आखिरी बार अमरोहा आए थे बड़े चौधरी
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अमरोहा(सचिन शर्मा)। किसानों के मसीहा एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जिले से गहरा नाता रहा है। भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद उनके अनुयायियों में अलग ही उत्साह है। विशेषकर किसान और राजनेता उनसे हमेशा से ही लगाव रखते आए हैं। चौधरी साहब को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मिलने के बाद यहां के लोग उस दौर को याद करने लगे हैं, जब वह अमरोहा आए और अपने विचारों व व्यक्तित्व से जनता के दिल में बस गए।
बड़े चौधरी तीन बार अमरोहा आए और अपनी यादें यहां के लोगों के दिलों में छोड़ गए। अमरोहा जिला किसान वर्ग के लिए जाना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। वह जात पात से परहेज करते हुए किसानों को अहम महत्व देते थे। जनता का जुड़ाव उनसे बहुत रहता था। यही नहीं, कई नेताओं ने उनके साथ रहकर राजनीति की शुरुआत की। जिनमें पूर्व विधायक सौभाग्यवती, हाजी हयात के अलावा वर्तमान में नौगांवा से विधायक समरपाल सिंह शामिल हैं। रालोद जिलाध्यक्ष मनवीर सिंह चिकारा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजा जाना हर किसान, आम, गरीब सभी के लिए गौरव की बात है। (संवाद)
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मुख्यमंत्री बनने के बाद आए थे अमरोहा
वर्ष 1967 में वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसी वर्ष अमरोहा के जगदीश सरन हिंदू कालेज के मैदान में पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने सरकारी कार्यक्रम में भाग लिया और जनता से भी संवाद किया। उस दौरान उनको देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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1969 के विधान सभा चुनाव में जनता के दिलों में बनाई जगह
रालोद जिलाध्यक्ष मनवीर सिंह चिकारा ने बताया कि 1967 में चौधरी चरण सिंह ने कांग्रेस से अलग होकर भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) बनाया था। 1969 के विस चुनाव में बीकेडी से सौभाग्यवती चुनाव मैदान में थीं। तब चौधरी चरण सिंह उनके लिए जन सभा करने आए और जनता के दिल में जगह बना गए। जिसके बाद जनता ने सौभाग्यवती को अपना विधायक चुना था। मनवीर चिकारा ने बताया कि 1985 के विधानसभा चुनाव में हाजी मोहम्मद हयात कांग्रेस को छोड़कर बीकेडी में शामिल हुए। तब भी चौधरी साहब अमरोहा में उनके लिए जनसभा करने पहुंचे थे। जिसके बाद मोहम्मद हयात को जीत हासिल हुई। हालांकि, वह जीत कांटे की थी। मोहम्मद हयात ने कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बेगम अंसारी को मात्र 180 वोटों से हराया था।
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चौधरी साहब की अगवानी का मिला था मौका
अमरोहा। नौगांवा सादात के विधायक समरपाल सिंह ने बताया कि चौ. चरणसिंह को जब-जब सत्ता में रहने का अवसर मिला। गरीबों के जीवन स्तर को उठाने की नीतियों पर कार्य किया। उनका कहना था कि देश की समृद्धि और खुशहाली का रास्ता गांव और खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है। चौधरी साहब ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि आज भी मुझे याद है जब में हिन्दू कॉलेज मुरादाबाद का छात्र संघ का अध्यक्ष था। तब प्रधानमंत्री रहते चौधरी साहब ट्रेन से मुरादाबाद पहुंचे थे। उस दौरान मुझे उनकी अगवानी करने सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आज भी वो यादें मेरे जेहन में तरोताजा हैं।
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बड़े चौधरी तीन बार अमरोहा आए और अपनी यादें यहां के लोगों के दिलों में छोड़ गए। अमरोहा जिला किसान वर्ग के लिए जाना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। वह जात पात से परहेज करते हुए किसानों को अहम महत्व देते थे। जनता का जुड़ाव उनसे बहुत रहता था। यही नहीं, कई नेताओं ने उनके साथ रहकर राजनीति की शुरुआत की। जिनमें पूर्व विधायक सौभाग्यवती, हाजी हयात के अलावा वर्तमान में नौगांवा से विधायक समरपाल सिंह शामिल हैं। रालोद जिलाध्यक्ष मनवीर सिंह चिकारा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से नवाजा जाना हर किसान, आम, गरीब सभी के लिए गौरव की बात है। (संवाद)
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मुख्यमंत्री बनने के बाद आए थे अमरोहा
वर्ष 1967 में वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसी वर्ष अमरोहा के जगदीश सरन हिंदू कालेज के मैदान में पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने सरकारी कार्यक्रम में भाग लिया और जनता से भी संवाद किया। उस दौरान उनको देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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1969 के विधान सभा चुनाव में जनता के दिलों में बनाई जगह
रालोद जिलाध्यक्ष मनवीर सिंह चिकारा ने बताया कि 1967 में चौधरी चरण सिंह ने कांग्रेस से अलग होकर भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) बनाया था। 1969 के विस चुनाव में बीकेडी से सौभाग्यवती चुनाव मैदान में थीं। तब चौधरी चरण सिंह उनके लिए जन सभा करने आए और जनता के दिल में जगह बना गए। जिसके बाद जनता ने सौभाग्यवती को अपना विधायक चुना था। मनवीर चिकारा ने बताया कि 1985 के विधानसभा चुनाव में हाजी मोहम्मद हयात कांग्रेस को छोड़कर बीकेडी में शामिल हुए। तब भी चौधरी साहब अमरोहा में उनके लिए जनसभा करने पहुंचे थे। जिसके बाद मोहम्मद हयात को जीत हासिल हुई। हालांकि, वह जीत कांटे की थी। मोहम्मद हयात ने कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बेगम अंसारी को मात्र 180 वोटों से हराया था।
चौधरी साहब की अगवानी का मिला था मौका
अमरोहा। नौगांवा सादात के विधायक समरपाल सिंह ने बताया कि चौ. चरणसिंह को जब-जब सत्ता में रहने का अवसर मिला। गरीबों के जीवन स्तर को उठाने की नीतियों पर कार्य किया। उनका कहना था कि देश की समृद्धि और खुशहाली का रास्ता गांव और खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है। चौधरी साहब ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि आज भी मुझे याद है जब में हिन्दू कॉलेज मुरादाबाद का छात्र संघ का अध्यक्ष था। तब प्रधानमंत्री रहते चौधरी साहब ट्रेन से मुरादाबाद पहुंचे थे। उस दौरान मुझे उनकी अगवानी करने सौभाग्य प्राप्त हुआ था। आज भी वो यादें मेरे जेहन में तरोताजा हैं।