{"_id":"680e7f4f5d3ac03e660bacf8","slug":"arogya-mela-doctors-are-missing-patients-do-not-get-medicines-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-138870-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोग्य मेला : डॉक्टर गायब तो \nकहीं मरीज को नहीं मिली दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोग्य मेला : डॉक्टर गायब तो कहीं मरीज को नहीं मिली दवा
Mon, 28 Apr 2025 12:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाला आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है। कहीं डॉक्टर नहीं पहुंच रहे तो कभी पर्याप्त मात्रा में दवाई नहीं है। जिम्मेदारों की मनमानी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश आरोग्य मेले में फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स मरीजों को देखते मिले। लैब टेक्नीशियन के नहीं होने की वजह से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। लिहाजा, उन्हें जिला अस्पताल में जांच करने की सलाह दी गई।
रविवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्र के 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले आयोजित किए गए। दोपहर 12 बजे तक कहीं डॉक्टरों की कुर्सियां खाली रही तो कहीं के डाक्टर नदारद रहे। ऐसे में मरीजों को मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। यहीं नहीं विशेषज्ञ चिकित्सक तो दूर कई जगह प्राथमिक जांच तक की व्यवस्था नहीं है। दवा के नाम पर सिर्फ बुखार, जुकाम और पेट दर्द की दवा से ही काम चलाया जा रहा।
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी के चलते शासन के उद्देश्य की पूर्ति पूरी होती नहीं दिखाई पड़ रही है। कई स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की तैनात नहीं हैं। फार्मासिस्ट के बजाय स्टाफ नर्स दवा बांटती मिलीं। डॉक्टर भी औपचारिकता निभा रहे हैं। चिकित्सकों के बजाय फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के सहारे खानापूर्ति की जा रही है। इसके चलते मरीज मेलों से दूरी बनाने लगे हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञ चिकित्सक इनमें पहुंचते ही नहीं हैं। मालूम रहे कि शासन ने मेले में एलोपैथ, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट को बैठकर मरीजों का इलाज करने के लिए कहा गया है। सुबह दस से शाम चार बजे तक मेला लगता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है। कहीं चिकित्सकों तो कहीं दवाइयों का टोटा है।
- आरोग्य मेले में सभी डॉक्टर व स्टाफ को समय से पहुंचने के निर्देश दिए हुए हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से नहीं पहुंचा है तो जांच कराई जाएगी। सभी जगह दवाइयां उपलब्ध हैं। - एसपी सिंह, सीएमओ अमरोहा
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाला आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है। कहीं डॉक्टर नहीं पहुंच रहे तो कभी पर्याप्त मात्रा में दवाई नहीं है। जिम्मेदारों की मनमानी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश आरोग्य मेले में फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स मरीजों को देखते मिले। लैब टेक्नीशियन के नहीं होने की वजह से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। लिहाजा, उन्हें जिला अस्पताल में जांच करने की सलाह दी गई।
रविवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्र के 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले आयोजित किए गए। दोपहर 12 बजे तक कहीं डॉक्टरों की कुर्सियां खाली रही तो कहीं के डाक्टर नदारद रहे। ऐसे में मरीजों को मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। यहीं नहीं विशेषज्ञ चिकित्सक तो दूर कई जगह प्राथमिक जांच तक की व्यवस्था नहीं है। दवा के नाम पर सिर्फ बुखार, जुकाम और पेट दर्द की दवा से ही काम चलाया जा रहा।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी के चलते शासन के उद्देश्य की पूर्ति पूरी होती नहीं दिखाई पड़ रही है। कई स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की तैनात नहीं हैं। फार्मासिस्ट के बजाय स्टाफ नर्स दवा बांटती मिलीं। डॉक्टर भी औपचारिकता निभा रहे हैं। चिकित्सकों के बजाय फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के सहारे खानापूर्ति की जा रही है। इसके चलते मरीज मेलों से दूरी बनाने लगे हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञ चिकित्सक इनमें पहुंचते ही नहीं हैं। मालूम रहे कि शासन ने मेले में एलोपैथ, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट को बैठकर मरीजों का इलाज करने के लिए कहा गया है। सुबह दस से शाम चार बजे तक मेला लगता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से आरोग्य मेला मजाक बनकर रह गया है। कहीं चिकित्सकों तो कहीं दवाइयों का टोटा है।
- आरोग्य मेले में सभी डॉक्टर व स्टाफ को समय से पहुंचने के निर्देश दिए हुए हैं। अगर कोई डॉक्टर समय से नहीं पहुंचा है तो जांच कराई जाएगी। सभी जगह दवाइयां उपलब्ध हैं। - एसपी सिंह, सीएमओ अमरोहा