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Amroha News: घर की छत पर बैठी वृद्धा पर बंदरों ने किया हमला, मौत
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आदमपुर। क्षेत्र के चकफेरी गांव में सोमवार को बंदरों के हमले से बुजुर्ग महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। इसमें उनकी मौत हो गई। मौत से परिजनों में शोक व्याप्त है।
गांव चकफेरी निवासी किसान बाबूराम की पत्नी चमेली देवी (80) पिछले करीब 20 साल से अपने मायके के गांव चकफेरी में ही परिवार के साथ रहती थीं। सोमवार दोपहर अपने भाई मुन्ना के मकान की छत पर बैठी थीं। इसी दौरान दस से अधिक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। अससे वृद्धा घायल हो गईं। वह बंदरों के हमले से बचने के लिए नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। इसी बीच वह छत से नीचे गिर गईं। इससे बुरी तरह से घायल हो गईं।
मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से बंदरों को भगाया गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। जहां मृत घोषित कर दिया गया। मौत की सूचना से परिजनों में शोक है। ग्रामीणों का कहना है कि चमेली देवी कई दिन से अपने मायके चकफेरी में रह रही थीं। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।
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थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि यदि कोई तहरीर मिलती है तो मामले में जांच कराई जाएगी। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। वह अक्सर छतों पर चढ़कर नुकसान पहुंचाते हैं और लोगों को डराते हैं। कई बार बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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गांव चकफेरी निवासी किसान बाबूराम की पत्नी चमेली देवी (80) पिछले करीब 20 साल से अपने मायके के गांव चकफेरी में ही परिवार के साथ रहती थीं। सोमवार दोपहर अपने भाई मुन्ना के मकान की छत पर बैठी थीं। इसी दौरान दस से अधिक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। अससे वृद्धा घायल हो गईं। वह बंदरों के हमले से बचने के लिए नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। इसी बीच वह छत से नीचे गिर गईं। इससे बुरी तरह से घायल हो गईं।
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मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से बंदरों को भगाया गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। जहां मृत घोषित कर दिया गया। मौत की सूचना से परिजनों में शोक है। ग्रामीणों का कहना है कि चमेली देवी कई दिन से अपने मायके चकफेरी में रह रही थीं। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।
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थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि यदि कोई तहरीर मिलती है तो मामले में जांच कराई जाएगी। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। वह अक्सर छतों पर चढ़कर नुकसान पहुंचाते हैं और लोगों को डराते हैं। कई बार बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।