भ्रष्टाचार का गठबंधन: दो हेड कांस्टेबल भाई और भांजा लाइन हाजिर, अवैध वसूली के आरोप.. एसपी ने की कार्रवाई
अमरोहा एसपी ने तीन सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। तीनों पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जांच में पता चला है कि तीनों आपस में रिश्तेदार हैं।
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डिडौली कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात दो सगे भाइयों और उनके कांस्टेबल भांजे को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। तीनों पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इतना ही नहीं कोतवाली की गोपनीयता को भंग कर रहे थे।
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि डिडौली कोतवाली में हेड कांस्टेबल दारा सिंह, सोनू और कांस्टेबल ऋषिकेश तैनात थे। ऋषिकेश कोतवाली की सरकारी गाड़ी पर चालक है। दारा सिंह और चालक ऋषिकेश दोनों सगे भाई हैं।
सोनू इनका भांजा लगता है। इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। एसपी ने बताया कि इन पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के लगातार आरोप लग रहे थे। जबकि तीनों थाने की गोपनीयता को भंग कर रहे थे। मामले की जांच कराई गई तो कुछ आरोप सही पाए गए।
प्रकरण को गंभीरता से लेकर हेड कांस्टेबल दारा सिंह, सोनू और कांस्टेबल ऋषिकेश को शनिवार को लाइन हाजिर कर दिया है। चालक ऋषिकेश की जगह पुलिस लाइन में तैनात चालक मनोज कुमार को डिडौली कोतवाली में तैनात किया गया है।
कांस्टेबल दारा सिंह पर यह भी लगा आरोप
कोतवाली क्षेत्र के सहसपुर अलीनगर निवासी सरताज ने एसपी को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाया था कि 17 जून की सुबह 10 बजे वह अपने घर पर थे। तभी डिडौली कोतवाली में तैनात दारा सिंह एक दरोगा के साथ घर पहुंचा और सरताज के खिलाफ राजस्थान का वारंट बात कर जबरदस्ती रामहट रोड पर ले गया।
इस दौरान दारा सिंह ने 31 हजार रुपये मांगे और नहीं देने पर झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी दी। डर के चलते सरताज ने घर से 31 हजार रुपये दारा सिंह को दे दिए। पीड़ित सरताज डिडौली इंस्पेक्टर से शिकायत करने जा रहे थे, तभी आरोपी दारा सिंह ने दरोगा के साथ मिलकर धमकी देते हुए भगा दिया था