{"_id":"659457a0b517083ff80ca0a3","slug":"amroha-tops-the-state-in-liquor-sales-in-december-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-11471-2024-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ रहे 5450 ड्रॉपआउट बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ रहे 5450 ड्रॉपआउट बच्चे
विज्ञापन
अमरोहा। परिषदीय स्कूलों से ड्रॉप आउट हुए सात से 14 आयु वर्ष के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्कूलों में नोडल बनाए गए शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में 5450 ड्रॉप आउट बच्चे अपने अन्य सहपाठियों के साथ पढ़कर होशियार बनेंगे।
जिले में 1266 परिषदीय स्कूलों का संचालन होता है। इनमें करीब सवा लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। तमाम प्रयास के बाद भी ईंट भट्ठे या अन्य मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाते। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल छोड़ने वाले (ड्राॅप आउट) 7 से 14 वर्ष के बच्चों को दोबारा स्कूल लाने की मुहिम शुरू कर दी गई है।
जिले में ऐसे साढ़े पांच हजार बच्चे हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। जिले में शारदा अभियान के तहत करीब 5450 ऐसे बच्चों का चिह्नांकन किया गया था। जो किसी वजह से पढ़ाई को बीच में छोड़ चुके थे। ऐसे ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूलों में दाखिला कराया गया है। जिनके लिए स्कूलों में प्रशिक्षण के बाद नोडल शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएसए डाॅ. मोनिका ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने का कार्य किया जा रहा है। बच्चों की कमजोरी को दूर कर उनको आयु संगत कक्षा में बैठने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षक ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक भी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1266 परिषदीय स्कूलों का संचालन होता है। इनमें करीब सवा लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। तमाम प्रयास के बाद भी ईंट भट्ठे या अन्य मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाते। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल छोड़ने वाले (ड्राॅप आउट) 7 से 14 वर्ष के बच्चों को दोबारा स्कूल लाने की मुहिम शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
जिले में ऐसे साढ़े पांच हजार बच्चे हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। जिले में शारदा अभियान के तहत करीब 5450 ऐसे बच्चों का चिह्नांकन किया गया था। जो किसी वजह से पढ़ाई को बीच में छोड़ चुके थे। ऐसे ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स्कूलों में दाखिला कराया गया है। जिनके लिए स्कूलों में प्रशिक्षण के बाद नोडल शिक्षकों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएसए डाॅ. मोनिका ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने का कार्य किया जा रहा है। बच्चों की कमजोरी को दूर कर उनको आयु संगत कक्षा में बैठने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षक ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक भी करेंगे।
विज्ञापन