अमरोहा: बुखार से चौबीस घंटे में तीन लोगों की जान गई, ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रही जानलेवा बीमारी
ग्रामीण इलाकों में लगातार बुखार का प्रकोप फैलता जा रहा है। लंबे समय तक बुखार रखने के कारण कई गांवों में लोगों की मौत हो चुकी है। गांवों में मरीजों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग लाचार नजर आ रहा है।
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जिले में बुखार से जान जाने का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। गजरौला में बुखार से पीड़ित सलेमपुर गोसाईं में महिला नीलम पत्नी राजेश और मोहल्ला मायापुरी में छह वर्षीय बालक सूर्या पुत्र सत्यवीर सिंह की मौत हो गई। दोनों को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उधर, हसनपुर के ढबारसी क्षेत्र के गांव हयातपुर निवासी हरकिशन के 13 वर्षीय बेटे विपिन की भी बुखार से मौत हो गई।
लगातार बुखार से हो रही मौतों से स्वास्थ्य विभाग भी बेबस नजर आ रहा है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। गांव सलेमपुर गोसाईं निवासी 45 वर्षीय नीलम पत्नी राजेश को तीन दिन से बुखार आ रहा था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे मेरठ के अस्पताल में उपचार के लिए ले गए थे।
जहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। नीलम ने अपने पीछे दो बेटे छोड़े हैं। वहीं, गजरौला नगर के मोहल्ला मायापुरी निवासी सूर्या (6) पुत्र सत्यवीर सिंह को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने सूर्या का उपचार नगर के कई निजी चिकित्सकों से कराया। लेकिन सुधार नहीं हुआ।
उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बृहस्पतिवार की रात परिजन उसे लेकर शहर के अलग-अलग अस्पतालों में ले गए, लेकिन स्थिति में सुधार न हुआ। जिस पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित किया। मृतक सूर्या तीन बहन भाइयों में सबसे छोटा था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर योगेंद्र सिंह का कहना है कि मोहल्ले और गांव में चेक कराया जा रहा है कितने मरीज बुखार से पीड़ित है। जो भी मरीज हैं। उन्हें दवाएं वितरित कराई जाएंगी। उधर, हसनपुर के ढबारसी क्षेत्र के गांव हयातपुर निवासी हरकिशन के तेरह वर्षीय बेटे को गुरुवार को बुखार हो गया।
परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप पर उपचार करवाया। जैसे ही झोलाछाप ने दवाई दी तो उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद पास के ही गांव बहादरपुर में एक अन्य चिकित्सक को दिखाया तो मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक छह बहन भाइयों में तीसरे नंबर का था। वह कक्षा पांच का छात्र था। पिता हरियाणा में मजदूरी करता है। परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। हालांकि, बाद में परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सूर्य के पेट में हो गए थे कीड़े
गजरौला। नगर के मोहल्ला मायापुरी निवासी सत्यवीर के बेटे सूर्या के बेटे में कीड़े भी हो गए थे। परिजनों के अनुसार मरने से पहले उसकी नाक के रास्ते एक कीड़ा निकला। जो देखने में केंचुए जैसा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर योगेंद्र सिंह का कहना है कि बच्चे को अस्पताल में जब लाया गया था तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चों के पेट में अक्सर कीड़े हो जाते हैं।
मायापुरी और सलेमपुर में बुखार से कई बीमार
गजरौला क्षेत्र में बुखार का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मायापुरी और सलेमपुर गोसांई में बुखार से कई लोग बीमार हैं। बीमार अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। मायापुरी निवासी बुखार से मरने वाले सूर्या के घर के पास में कई घरों में बच्चे बुखार से पीड़ित हैं।
कुमारी रिया, कुमारी देवांशी के अलावा कई बच्चे बीमार हैं। सभासद अरविंद कुमार का कहना हे कि मोहल्ले में गंदगी पनपने से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। कई बार सूचना दिए जाने के बाद भी फॉगिंग नही हो रही है।