Amroha: गजराैला में जहरीली गैस से बिगड़े हालात, काबू करने में एनडीआरएफ को लगे पांच घंटे, कंपनी से हुआ था रिसाव
बेस्ट क्रॉप साइंस लिमिटेड फैक्टरी में जहरीली गैस रिसाव से आसपास के कई गांवों में अफरा-तफरी मच गई। धुंध और गैस से लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन हुई। नोएडा से आई एनडीआरएफ की टीम ने करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद तड़के हालात काबू में किए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बेस्ट क्रॉप साइंस लिमिटेड द्वारा छोड़ी गई जहरीली गैस से बिगड़े हालात सामान्य करने में नोएडा से आई एनडीआरएफ की टीम को पांच घंटे का समय लगा। एडीएम, एसडीएम, सीओ, ईओ, दमकलकर्मी सुबह पांच बजे तक फैक्टरी में रहकर जानकारी लेते रहे। रात में ही सूचना मिलने के बावजूद 15 घंटे बाद दोपहर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम फैक्टरी में पहुंची और रिसाव की जानकारी ली।
औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन किनारे स्थित फैक्टरी में खेती में इस्तेमाल किए जाने वाली कीटनाशक दवाइयां बनाई जाती हैं। उसके वेयर हाउस में सोमवार रात करीब 50 टन कच्चा माल रखा था। जिससे पेस्टीसाइड बनाया जाता है। फैक्टरी के प्रशासनिक अधिकारी सुबोध कुमार गुप्ता ने बताया कि वेयर हाउस में रखे कच्चे माल में सीओ-2 व एनओ-2 का एक दूसरे के संपर्क में आ जाने के कारण रात करीब आठ बजे धुआं उठने लगा।
यह थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में फैल गया। आसमान में धुंध छा गई। अल्लीपुर भूड़, तिगरिया भूड़, लक्ष्मी नगर, नाईपुरा, हसनपुर मार्ग पर चौपला के साथ ही नजदीकी गांवों छोया, लिसड़ी बुजुर्ग, सिहाली जागीर आदि गांवों में भी कोहरे जैसी यह धुंध फैल गई। लोगों को सांस लेना दूभर हो गया। आंखों में जलन होने के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
जिसकी जानकारी मिलने पर रात 11 बजे एसडीएम विभा श्रीवास्तव, सीओ अंजलि कटारिया, एडीएम वित्त एवं राजस्व, ईओ ललित कुमार आर्य मौके पर पहुंचे। यहां पर छा रही धुंध से बिगड़े हालत देख एसडीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को सूचना दी। सूचना पाकर दमकल कर्मी भी पहुंच गए। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए बनी टीम रात में नहीं आई।
वह सूचना मिलने के 15 घंटे बाद दोपहर एक बजे फैक्टरी में पहुंची। उधर रात में करीब एक 12 आई एनडीआरएफ की टीम फैक्टरी में गैस रिसाव पर काबू पाने में जुट गई। तड़के करीब 5 बजे तक उसने हालात पर काबू पाया। तब तक अधिकारी व कर्मचारी फैक्टरी में ही डटे रहे।
हाइड्रा से तोड़ना पड़ा वेयर हाउस
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी का वेयर हाउस कच्चे माल से भरा हुआ था। उससे गैस का इस कदर रिसाव हुआ कि फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारियों की भी हालत बिगड़ने लगी। इस बीच नगर के लोगों की हालत खतरे में देख एडीएम व एसडीएम ने गैस रिसाव का ठिकाना वेयर हाउस को तोड़ने के निर्देश दिए। जिस पर हाइड्रा बुलाया गया। उसे तोड़ा गया। तब जाकर कुछ हालात सामान्य हुए। दोपहर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने फैक्टरी का निरीक्षण किया। गैस रिसाव के कारणों की जानकारी ली।