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Amroha News: अमरोहा के पेंटर की मुंबई में हत्या, 18 दिन बाद बरामद हुआ सिर कटा शव
Sun, 16 Jul 2023 01:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 16 Jul 2023 01:31 AM IST
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अमरोहा। 25 साल से मुंबई में रहने वाले अमरोहा के पेंटर की सिर काटकर हत्या कर दी गई। लापता होने के 18 दिन बाद उसका शव बरामद हुआ। मुंबई की ओल्ड पनवेल पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार की शाम तक मृतक सिर को तलाश किया जा रहा था।
अमरोहा नगर के मोहल्ला लाकड़ा में दिवंगत हसमतउल्ला का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी जमीला खातून के अलावा चार बेटे और चार बेटियां हैं। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। जबकि उनके चारों बेटे मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद अकरम, मुकर्रम अली और मोहम्मद असलम मुंबई में अलग-अलग जगह रहते हैं। दूसरे नंबर के मोहम्मद असलम अपनी पत्नी फहीमा बानो और तीन बच्चों के साथ ओल्ड पनवेल क्षेत्र में किराए पर रहते थे। इसी एरिया में बाइक और अन्य वाहनों पर पेंट का काम करते थे।
भाई मुकर्रम के मुताबिक 27 जून की रात मोहम्मद असलम फोन पर बात करने के बाद किसी से रुपये लेने घर से निकले थे। लेकिन बाद में घर वापस नहीं लौटे। काफी तलाश करने के बाद उनका कहीं सुराग नहीं लगा। लिहाजा मामले में पनवेल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद असलम के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। बाद में उसी नंबर को ट्रेस किया गया जिसपर आखिरी बार मोहम्मद असलम की बात हुई थी।
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शुक्रवार को पुलिस ने भोपाल स्टेशन से शफीक नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी निशानदेही पर शुक्रवार की रात तीन बजे मोहम्मद असलम का सिर कटा हुआ शव बरामद किया गया गया। मोहम्मद असलम का शव मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। फिलहाल मुंबई पुलिस मोहम्मद असलम के सिर को बरामद करने का प्रयास कर रही है। हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है।
बेटे मोहम्मद असलम का शव मिलने की जानकारी मिलते ही अमरोहा में मौजूद मां जमीला खातून बेहोश हो गई। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। उमर दराज जमीला खातून बेटे मोहम्मद असलम को याद कर बार-बार बेहोश हो रही थीं।
रुपये के लेनदेन में मुंबई में जान गंवाने वाले मोहम्मद असलम ईद पर घर आने वाले थे। अमरोहा में उनकी मां जमीला खातून अकेली रहती है। 29 जून को बकरीद थी। लेकिन इससे दो दिन पहले 27 जून की रात मोहम्मद असलम लापता हो गए थे। उनके लापता होने के बाद परिवार में ईद की खुशियां भी गमगीन रहीं। लेकिन सभी को ये उम्मीद थी मोहम्मद असलम देर-सवेर सकुशल घर आ जाएंगे लेकिन करीब 18 दिन बाद उनका शव मिला।
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अमरोहा नगर के मोहल्ला लाकड़ा में दिवंगत हसमतउल्ला का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी जमीला खातून के अलावा चार बेटे और चार बेटियां हैं। चारों बेटियों की शादी हो चुकी है। जबकि उनके चारों बेटे मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद अकरम, मुकर्रम अली और मोहम्मद असलम मुंबई में अलग-अलग जगह रहते हैं। दूसरे नंबर के मोहम्मद असलम अपनी पत्नी फहीमा बानो और तीन बच्चों के साथ ओल्ड पनवेल क्षेत्र में किराए पर रहते थे। इसी एरिया में बाइक और अन्य वाहनों पर पेंट का काम करते थे।
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भाई मुकर्रम के मुताबिक 27 जून की रात मोहम्मद असलम फोन पर बात करने के बाद किसी से रुपये लेने घर से निकले थे। लेकिन बाद में घर वापस नहीं लौटे। काफी तलाश करने के बाद उनका कहीं सुराग नहीं लगा। लिहाजा मामले में पनवेल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद असलम के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। बाद में उसी नंबर को ट्रेस किया गया जिसपर आखिरी बार मोहम्मद असलम की बात हुई थी।
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शुक्रवार को पुलिस ने भोपाल स्टेशन से शफीक नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी निशानदेही पर शुक्रवार की रात तीन बजे मोहम्मद असलम का सिर कटा हुआ शव बरामद किया गया गया। मोहम्मद असलम का शव मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए। फिलहाल मुंबई पुलिस मोहम्मद असलम के सिर को बरामद करने का प्रयास कर रही है। हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है।
बेटे मोहम्मद असलम का शव मिलने की जानकारी मिलते ही अमरोहा में मौजूद मां जमीला खातून बेहोश हो गई। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। उमर दराज जमीला खातून बेटे मोहम्मद असलम को याद कर बार-बार बेहोश हो रही थीं।
रुपये के लेनदेन में मुंबई में जान गंवाने वाले मोहम्मद असलम ईद पर घर आने वाले थे। अमरोहा में उनकी मां जमीला खातून अकेली रहती है। 29 जून को बकरीद थी। लेकिन इससे दो दिन पहले 27 जून की रात मोहम्मद असलम लापता हो गए थे। उनके लापता होने के बाद परिवार में ईद की खुशियां भी गमगीन रहीं। लेकिन सभी को ये उम्मीद थी मोहम्मद असलम देर-सवेर सकुशल घर आ जाएंगे लेकिन करीब 18 दिन बाद उनका शव मिला।