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Amroha News: चार गांवों में मध्य गंगा नहर की खोदाई का कार्य रुका
Thu, 07 Dec 2023 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 07 Dec 2023 02:14 AM IST
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अमरोहा। 13 वर्ष पूर्व जिले में शुरू हुई मध्य गंगा नहर परियोजना फेज दो की निर्माण प्रक्रिया चार गांवों में रुक गई है। हालांकि, गंगा नहर की एक शाखा का कार्य तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन दूसरी शाखा में निर्माण कराना प्रशासन और सिंचाई विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है। किसानों की जमीन तो प्रशासन ने नहर निर्माण के लिए अधिग्रहीत तो कर ली, लेकिन उनको मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। किसानों की इस लड़ाई का तोड़ प्रशासन तलाश नहीं पा रहा है।
मध्य गंगा नहर फेज-2 का निर्माण साल 2008 में शुरू किया गया। जिसके लिए 4 हजार 4 सौ सत्रह करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। यह नहर बिजनौर बैराज से शुरू होकर अमरोहा व संभल जिले तक निकल रही है। इसके लिए 59045 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी गई। अमरोहा ब्लाक के 87, जोया के 230, मंडी धनौरा के 78, गजरौला के 157 व हसनपुर ब्लाक के 370 गांवों से होकर यह नहर निकलनी है। वर्ष 2010 में नहर निर्माण के लिए किसानों जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद परियोजना का काम बंद हो गया था। ऐसे में न तो किसानों को मुआवजा मिल सका और न ही खोदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
तीन साल पहले शुरू कार्य तो होने लगा विरोध
मध्य गंगा नहर को लेकर शासन स्तर से सख्ती बरतने के बाद तीन साल पहले फिर से परियोजना का कार्य शुरू हुआ है। बिना मुआवजे जमीन हाथ से जाने के डर से किसानों बेचैन हो उठे। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई और कार्य शुरू करने का विरोध शुरू कर दिया। कूबी, मोहनपुर, रामपुर घना व घंसूरपुर के ग्रामीण जमीन पर काबिज हैं तो प्रशासन उनसे अधिग्रहण की गई जमीन छोड़ने के लिए कहता रहा। प्रशासन 13 साल पहले के हिसाब से देना चाहता है लेकिन, किसान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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दो शाखाओं में बंटकर निकल रही है नहर
बिजनौर बैराज से यह नहर अमरोहा पहुंचकर दो भागों में बंटी। एक शाखा संभल जिले के बहजोई तो दूसरी चंदौसी के लिए निकल रही है। अमरोहा से बहजोई शाखा वाली नहर पर कार्य पूरा हो चुका है। जबकि 26 किलोमीटर की दूरी में चंदौसी की ओर निकलने वाली नहर कार्य बंद पड़ा है।
फरवरी से बंद है खाेदाई का कार्य
चंदौसी की ओर निकलने वाली मध्य गंगा नहर की खोदाई का कार्य फरवरी माह से रुका हुआ है। इस शाखा में अभी 30 प्रतिशत कार्य ही हो चुका है। जबकि, रामपुर घना, कूबी, घंसूरपुर, मोहनपुर क्षेत्र में खोदाई नहीं हो सकी है।
जबरन खोदाई का किया गया प्रयास
अक्तूबर माह में प्रशासन ने जेसीबी से चारों गांव के क्षेत्र में नहर खोदाई शुरू करा दी। जिसकी भनक लगते ही किसान विरोध में उतर आए थे। उन्होंने जेसीबी के आगे लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। किसानों के विरोध के बीच प्रशासन उल्टे पांव लौट गए थे।
किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे
किसानों द्वारा प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने पर 42 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। कई किसानों को नोटिस भी जारी किया गया। उसके बाद भी किसानों का धरना कूबी में लगातार जारी है। 300 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है। ऐसे में प्रशासन के लिए नहर की खोदाई कराना चुनौती साबित हो रहा है।
किसानों से हर तरह की वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों भी किसानों से वार्ता हुई। इसके लिए किसानों से पत्राचार भी किया जा रहा है। किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे की जानकारी मुझे नहीं है। इस समस्या का समाधान मात्र वार्ता और आपसी सहमति ही है। संभवत: एक दो दिन में किसानों से इस संबंध में फिर से वार्ता होगी। राजेश कुमार त्यागी, डीएम, अमरोहा
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मध्य गंगा नहर फेज-2 का निर्माण साल 2008 में शुरू किया गया। जिसके लिए 4 हजार 4 सौ सत्रह करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। यह नहर बिजनौर बैराज से शुरू होकर अमरोहा व संभल जिले तक निकल रही है। इसके लिए 59045 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी गई। अमरोहा ब्लाक के 87, जोया के 230, मंडी धनौरा के 78, गजरौला के 157 व हसनपुर ब्लाक के 370 गांवों से होकर यह नहर निकलनी है। वर्ष 2010 में नहर निर्माण के लिए किसानों जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद परियोजना का काम बंद हो गया था। ऐसे में न तो किसानों को मुआवजा मिल सका और न ही खोदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
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तीन साल पहले शुरू कार्य तो होने लगा विरोध
मध्य गंगा नहर को लेकर शासन स्तर से सख्ती बरतने के बाद तीन साल पहले फिर से परियोजना का कार्य शुरू हुआ है। बिना मुआवजे जमीन हाथ से जाने के डर से किसानों बेचैन हो उठे। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई और कार्य शुरू करने का विरोध शुरू कर दिया। कूबी, मोहनपुर, रामपुर घना व घंसूरपुर के ग्रामीण जमीन पर काबिज हैं तो प्रशासन उनसे अधिग्रहण की गई जमीन छोड़ने के लिए कहता रहा। प्रशासन 13 साल पहले के हिसाब से देना चाहता है लेकिन, किसान सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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दो शाखाओं में बंटकर निकल रही है नहर
बिजनौर बैराज से यह नहर अमरोहा पहुंचकर दो भागों में बंटी। एक शाखा संभल जिले के बहजोई तो दूसरी चंदौसी के लिए निकल रही है। अमरोहा से बहजोई शाखा वाली नहर पर कार्य पूरा हो चुका है। जबकि 26 किलोमीटर की दूरी में चंदौसी की ओर निकलने वाली नहर कार्य बंद पड़ा है।
फरवरी से बंद है खाेदाई का कार्य
चंदौसी की ओर निकलने वाली मध्य गंगा नहर की खोदाई का कार्य फरवरी माह से रुका हुआ है। इस शाखा में अभी 30 प्रतिशत कार्य ही हो चुका है। जबकि, रामपुर घना, कूबी, घंसूरपुर, मोहनपुर क्षेत्र में खोदाई नहीं हो सकी है।
जबरन खोदाई का किया गया प्रयास
अक्तूबर माह में प्रशासन ने जेसीबी से चारों गांव के क्षेत्र में नहर खोदाई शुरू करा दी। जिसकी भनक लगते ही किसान विरोध में उतर आए थे। उन्होंने जेसीबी के आगे लेटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। किसानों के विरोध के बीच प्रशासन उल्टे पांव लौट गए थे।
किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे
किसानों द्वारा प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने पर 42 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। कई किसानों को नोटिस भी जारी किया गया। उसके बाद भी किसानों का धरना कूबी में लगातार जारी है। 300 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है। ऐसे में प्रशासन के लिए नहर की खोदाई कराना चुनौती साबित हो रहा है।
किसानों से हर तरह की वार्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले दिनों भी किसानों से वार्ता हुई। इसके लिए किसानों से पत्राचार भी किया जा रहा है। किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे की जानकारी मुझे नहीं है। इस समस्या का समाधान मात्र वार्ता और आपसी सहमति ही है। संभवत: एक दो दिन में किसानों से इस संबंध में फिर से वार्ता होगी। राजेश कुमार त्यागी, डीएम, अमरोहा