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अमरोहा : दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा
Fri, 31 Oct 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 31 Oct 2025 02:29 AM IST
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अमरोहा। पांच साल पुराने दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी पति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मुकदमे में आरोपी ससुर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
संभल जनपद के हयातनगर थानाक्षेत्र के गौहत गांव में गिरिराज सिंह का परिवार रहता है। उन्होंने अपनी बहन वीरवती की शादी साल 2018 में आदमपुर थानाक्षेत्र के खड़करानी उर्फ रानीवाला गांव के रहने वाले पोसकी उर्फ पुष्पेंद्र के साथ की थी। उससे पहले वीरवती की बड़ी बहन कुसुमवती की शादी भी खड़करानी और रानीवाला में ही हुई थी। शादी के बाद से ही वीरवती का पति पुष्पेंद्र दहेज को लेकर खुश नहीं था। वह वीरवती से सोने की चेन और तीन लाख रुपये की मांग करता था।
30 जून 2020 की सुबह छह बजे पति पुष्पेंद्र ने दहेज के लिए वीरवती की हत्या कर दी और शव को फंदे पर लटका दिया। सूचना मिलते ही मायके वाले मौके पर पहुंच गए। तभी आरोपी ससुराल वाले दीवार कूदकर भाग गए। इस मामले में पुलिस ने गिरिराज सिंह की तहरीर पर पति पुष्पेंद्र, ससुर महावीर, जेठ प्रताप, जेठानी वीरा, तहेरा जेठ चरन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने मामले में पति पुष्पेंद्र और ससुर महावीर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। फिलहाल दोनों पिता-पुत्र जमानत पर जेल से बाहर थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी पति पुष्पेंद्र को दहेज हत्या का दोषी माना और दस साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने ससुर महावीर के खिलाफ कोई मजबूत साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
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संभल जनपद के हयातनगर थानाक्षेत्र के गौहत गांव में गिरिराज सिंह का परिवार रहता है। उन्होंने अपनी बहन वीरवती की शादी साल 2018 में आदमपुर थानाक्षेत्र के खड़करानी उर्फ रानीवाला गांव के रहने वाले पोसकी उर्फ पुष्पेंद्र के साथ की थी। उससे पहले वीरवती की बड़ी बहन कुसुमवती की शादी भी खड़करानी और रानीवाला में ही हुई थी। शादी के बाद से ही वीरवती का पति पुष्पेंद्र दहेज को लेकर खुश नहीं था। वह वीरवती से सोने की चेन और तीन लाख रुपये की मांग करता था।
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30 जून 2020 की सुबह छह बजे पति पुष्पेंद्र ने दहेज के लिए वीरवती की हत्या कर दी और शव को फंदे पर लटका दिया। सूचना मिलते ही मायके वाले मौके पर पहुंच गए। तभी आरोपी ससुराल वाले दीवार कूदकर भाग गए। इस मामले में पुलिस ने गिरिराज सिंह की तहरीर पर पति पुष्पेंद्र, ससुर महावीर, जेठ प्रताप, जेठानी वीरा, तहेरा जेठ चरन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने मामले में पति पुष्पेंद्र और ससुर महावीर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। फिलहाल दोनों पिता-पुत्र जमानत पर जेल से बाहर थे। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी पति पुष्पेंद्र को दहेज हत्या का दोषी माना और दस साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने ससुर महावीर के खिलाफ कोई मजबूत साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।