Amroha Election: प्रत्याशियों के साथ ईवीएम में बंद माननीयों की साख, बढ़ते पारे पर भारी जिम्मेदारी का जज्बा
अमरोहा लोकसभा सीट पर जीत के लिए सभी दलों ने जमकर मेहनत की। कई बड़े नेताओं ने भी प्रत्याशियों को विजयी दिलाने के लिए जनसभा भी की। जिले की चार विधानसभाओं में से दो पर भाजपा और दो पर सपा काबिज है। अब देखना है कि जीत किसको मिलती है।
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अमरोहा में भाजपा, कांग्रेस-सपा गठबंधन और बसपा समेत 12 प्रत्याशियों के साथ जिले के कई माननीयों की साख भी ईवीएम में कैद हो गई है। अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए पार्टियों के फायर ब्रांड नेताओं ने चुनावी जनसभा कीं तो वहीं स्थानीय माननीयों ने भी चुनाव लड़ाने में रात दिन एक कर दिया। लेकिन इन माननीयों के प्रयास कितने सार्थक रहे, यह चार जून को स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल प्रत्याशियों के साथ जिले के कई माननीयों की साख भी दांव पर लगी है।
जिले में चार विधानसभा सीटें हैं, जबकि पांचवीं सीट गढ़ हापुड़ जिले में आती है। जिले की दो सीटों पर भाजपा व दो पर सपा के विधायकों का कब्जा है। अमरोहा सदर सीट से सपा नेता महबूब अली लगातार पांच बार विधायक हैं। जबकि इसी पार्टी के पूर्व मंत्री कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इन सभी नेताओं ने कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशी दानिश अली के लिए प्रयास किए हैं।
वहीं, भाजपा के हसनपुर से महेंद्र सिंह खड़गवंशी एवं धनौरा के राजीव तरारा दो बार से विधायक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नौगांवा सादात सीट पर सपा के समरपाल सिंह काबिज हैं। साथ ही जिले के निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो भाजपा के शिक्षक एमएलसी के रूप में विधान परिषद में यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
तपती धूप में मतदाता सुबह से कतार में लगे रहे
उधर, चढ़ते सूरज की तपिश और वोट करने के लिए मतदाताओं के बीच सुबह से ही कशमकश जारी थी। बढ़ते पारे पर लोकतंत्र की जिम्मेदारियों का जज्बा भारी पड़ा। तपती धूप में मतदाता सुबह से कतार में लग वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई बूथों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं। शुक्रवार को लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का दिन था। जिसके लिए प्रशासन भी पिछले एक माह से तैयारियों में जुटा हुआ था। स्वीप अभियान के तहत मतदान के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा था।
काफी हद तक प्रशासन की मुहिम रंग भी लाई। शुक्रवार को चुनाव की घड़ी आई तो मतदाताओं ने भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझा। सुबह के समय चढ़ते सूरज की तपिश के बीच पारा जैसे-जैसे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे ही वोटरों का उत्साह भी अपने चरम पर पहुंच रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे सूरज की तपिश और वोटरों के उत्साह के बीच होड़ चल रही हो। लेकिन लोकतंत्र में अपने वोट की जिम्मेदारी निभाने के लिए वोटरों का उत्साह सूरज की तपिश पर भारी पड़ता दिखाई दिया।
हालांकि दोपहर में कुछ समय के लिए बूथों पर भीड़ कुछ कम जरूर हुई। लेकिन शाम ढलने से पहले फिर सुबह सा आलम बूथों पर नजर आने लगा। लोग उत्साह के साथ अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे थे। युवा, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं समेत सभी का वोट का उत्साह देखने लायक था।
मंडल में अब तक अव्वल अमरोहा के मतदाता,
2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 71.05 रहा था। जोकि, मंडल में ही नहीं प्रदेश में अव्वल रहा था। लेकिन 2024 के चुनाव में मतदान प्रतिशत उस स्तर तक नहीं पहुंच सका। हालांकि, इस बार चुनाव में जिले का मतदान प्रतिशत 64.02 प्रतिशत के साथ 7.03 प्रतिशत कम रहा है। लेकिन मंडल के दूसरे जिले और लोकसभा क्षेत्रों पर यहां के मतदाता अभी भारी हैं।
जबकि, पहले चरण में हुए मतदान में मुरादाबाद मंडल में नगीना के मतदाता 59.54 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे रहे थे। लेकिन दूसरा चरण आते-आते नगीना दूसरे स्थान पर पहुंच गया। हालांकि, अभी मंडल की संभल लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में चुनाव होना है। जिसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।