{"_id":"6530d126728d2d31da07aa94","slug":"amroha-double-murder-injured-servant-discharged-from-hospital-now-will-face-police-questions-prepared-2023-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha double murder: घायल नौकर को अस्पताल से मिली छुट्टी, अब पुलिस से होगा सामना, तैयार किए गए प्रश्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha double murder: घायल नौकर को अस्पताल से मिली छुट्टी, अब पुलिस से होगा सामना, तैयार किए गए प्रश्न
Thu, 19 Oct 2023 12:18 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गजरौला(अमरोहा)
अमर उजाला नेटवर्क, गजरौला(अमरोहा)
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 19 Oct 2023 12:18 PM IST
सार
गजरौला के गुलालपुर में नौ अक्तूबर की रात फार्म हाउस मालिक मेरठ निवासी अनिरुद्ध और नौकर रतनपाल भाटी की निर्ममता से हत्या कर दी गई था। बदमाश तीसरे व्यक्ति जीतपाल को मरणासन्न हालत में छोड़ गए थे। उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
गजरौला में डबल मर्डर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गजरौला के गुलालपुर के जंगल में दोहरे हत्याकांड के दौरान जिंदा बचे नौकर जीतपाल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वह घर आ गया है। पुलिस का कहना है कि अशोक की गिरफ्तारी के बाद नौकर से भी पूछताछ की जाएगी। गुलालपुर के जंगल में नौ अक्तूबर की रात गौतमबुद्ध नगर के बोड़ाकी निवासी रतनपाल भाटी व मेरठ के सीना गांव निवासी अनिरुद्ध की हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
बदमाशों ने बलकटी और नल के हत्थे से वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश हापुड़ के नया गांव निवासी और फार्म हाउस के नौकर जीतपाल को मरणासन्न हालत में छोड़ गए थे। उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसका उपचार चला। अब उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
विज्ञापन
जिसके चलते वह घर आ गया है। पुलिस ने उससे पूछताछ की। अशोक की गिरफ्तारी होने पर भी पुलिस उससे पूछताछ करेगी। फार्म हाउस कब्जाने के चक्कर में हुई रतनपाल भाटी व अनिरुद्ध की हत्या में शामिल रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने गुत्थी को भले ही सुलझा लिया।
विज्ञापन
मगर पुलिस की जांच अब भी कई बिंदुओं पर चल रही है। पुलिस यह मान रही है कि गंगा पार के जंगल में हजारों बीघे जमीन पर कब्जे को लेकर वर्चस्व की जंग में लेखपाल और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सांठगांठ के बिना कोई जमीन पर कब्जा कैसे कर सकता है।
जबकि गजरौला क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इसी तरह पुलिस को सुराग मिला है कि लेखपाल मोटी रकम लेकर दबंग प्रवृत्ति के लोगों को जमीन नाप कर दे देते हैं। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि दोहरे हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही लेखपाल ने जमीन की पैमाइश की थी।
मगर उसने शांति व्यवस्था के लिए पुलिस को नहीं बुलाया था। जबकि जंगल में जमीन को लेकर आए दिन विवाद होते हैं। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। लेखपालों की भूमिका को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इस पर भी जांच होगी।