Amroha Double Murder: सीसीटीवी ने खोला पिता-पुत्री हत्याकांड का राज, बेटे ने नौकर के साथ इसलिए रेत दिए थे गले
अमरोहा में पिता-पुत्री हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद बेटे का नौकर भागता सीसीटीवी में कैद हो गया था। उसके गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला साफ हो गया। बेटे ने पत्नी और नौकर के साथ संपत्ति के लिए पिता और बहन की हत्या कर दी थी।
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मकान बेचने से मना करने पर बेटे ने ही सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी गोद ली बेटी सृष्टि की हत्या पत्नी और एक नौकर के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर सराफ और उनकी बेटी की हत्या का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने सराफ के हत्यारोपी बेटे, बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायालय पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि योगेश अग्रवाल के घर के कैमरे बंद पड़े थे।
वारदात की रात हत्यारोपी बेटे का नौकर अनिल गंगवार घर से निकलता हुआ पड़ोसी के सीसीटीवी में कैद हो गया था। वह रात में करीब 12 बजकर 7 मिनट पर घर से निकला था। इसके बाद पूरे मामला साफ होता चला गया। रविवार को नगर कोतवाली में एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मोहल्ला नगर के कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनके पुत्र हत्यारोपी इशांक अग्रवाल के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
इशांक अग्रवाल अपने हिस्से के मकान को बेचकर दिल्ली में शिफ्ट होना चाहता था, लेकिन योगेश चंद्र अग्रवाल इसके आड़े आ रहे थे। दोनों पिता-पुत्र के संबंध अच्छे नहीं थे। पुलिस का दावा है कि योगेश चंद्र अग्रवाल का व्यवहार अपनी बहू मानसी अग्रवाल के प्रति भी खराब था। जिससे आहत होकर इशांक अग्रवाल ने अपने पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की हत्या करने की योजना बनाई।
हत्या करने के लिए इशांक अग्रवाल ने अपनी दिल्ली स्थित फैक्टरी में काम करने वाले नौकर बरेली निवासी अनिल गंगवार को पैसों का लालच देकर अपने घर बुलाया और अपनी पत्नी मानसी अग्रवाल के साथ मिलकर पिता योगेश चंद्र अग्रवाल और बहन सृष्टि की दरांती से गला रेत कर हत्या कर दी। एसपी ने बताया की हत्यारोपी इशांक अग्रवाल, उसकी पत्नी मानसी अग्रवाल और बरेली जनपद के नवाबगंज थानाक्षेत्र के गांव जोरा मकरंदपुर निवासी अनिल गंगवार को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
ये था पूरा मामला
मोहल्ला नगर के कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनकी बेटी सृष्टि की घर में ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह पिता-पुत्री के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। दोनों के चेहरे पर कपड़ा पड़ा हुआ था। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। योगेश चंद्र अग्रवाल की बाजार गुजरी में इशांक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।
उनकी पत्नी छाया की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो चुकी है। वह बेटी सृष्टि के साथ रहते थे। बेटा इशांक अग्रवाल दिल्ली में गत्ता फैक्टरी चलाता है। इशांक की पत्नी मानसी अग्रवाल अपने दस साल के बेटे आयुष के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहती है। दोनों मकानों में आवाजाही के रास्ते अलग-अलग हैं, जबकि घर के भीतरी हिस्से में दोनों को जोड़ने के लिए दरवाजा है। बेटा इशांक अग्रवाल बृहस्पतिवार को दिल्ली से घर आया था। शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मकान के अपने हिस्से में था।
योगेश चंद्र अग्रवाल और बेटी सृष्टि के साथ अपने हिस्से में थे। सराफ और बेटी की हत्या की जानकारी शनिवार सुबह करीब छह बजे उनके दोस्तों से पुलिस तक पहुंची। उनके हमउम्र दोस्त राज निकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला रोज की तरह टेबल टेनिस खेलने उनके घर पहुंचे। खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो साथियों ने योगेश चंद्र अग्रवाल का फोन मिलाया।
फोन न उठने पर दरवाजे को धक्का दिया तो खुल गया। भीतर दाखिल होते ही कमरे की खिड़की में झांका तो फर्श पर पिता-पुत्री के शव नजर आए। सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और सेवा भारती संस्था के नगर अध्यक्ष भी थे।