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मोतियाबिंद के 1586 आपरेशन कर अमरोहा प्रदेश में प्रथम
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अमरोहा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। सभी वर्ग को हर प्रकार से स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम के दृष्टि दोष वाले लोगों को चिन्हित कर सरकारी अथवा अनुबंधित नेत्र चिकित्सालय ले जाकर जरूरी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इसी कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के संयुक्त जिला चिकित्सालय को वर्ष 2020-21 में अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत 700 मोतियाबिंद के ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष संयुक्त जिला अस्पताल द्वारा 1586 मरीजों का मोतियाबिंद का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उन्हें स्वस्थ किया। यह एक सराहनीय कार्य रहा है। इसलिए प्रदेश स्तरीय राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में अमरोहा जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
जिला चिकित्सालय के नेत्र सर्जन डॉ. टीपी सिंह का प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान रहा है। उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन में मोतियाबिंद की बीमारी का इलाज किया जाता है। इसके अलावा इसे लेंस रिप्लेसमेंट सर्जरी भी कहा जाता है। जिसमें आंखों के लेंस को बदलकर कृत्रिम लेंस को लगाया जाता है। आमतौर पर मोतियाबिंद ऑपरेशन को कुछ घंटों में ही किया जाता है। जिसके बाद व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रदेश में जनपद को प्रथम स्थान दिलाने में सीएमओ डॉ. सौभाग्य गुप्ता, एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमएस डॉ. एके गुप्ता और डीपीएम आदि का पूर्ण सहयोग रहा है। सीएमएस डॉ एके गुप्ता ने बताया कि नेत्र ऑपरेशन में अमरोहा प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जबकि डॉ टीपी सिंह का प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान रहा है, यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
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मोतियाबिंद के प्रमुख लक्षण
. दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता, बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष में निरंतर बढ़ोतरी
. रात में ड्राइविंग में दिक्कत आना जैसे लाइट पड़ने से आंखें चौंधियाना
. दिन के समय आंखें चौंधियाना
. दोहरी दृष्टि (डबल विजन)
. चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना
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इसी कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के संयुक्त जिला चिकित्सालय को वर्ष 2020-21 में अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत 700 मोतियाबिंद के ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष संयुक्त जिला अस्पताल द्वारा 1586 मरीजों का मोतियाबिंद का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उन्हें स्वस्थ किया। यह एक सराहनीय कार्य रहा है। इसलिए प्रदेश स्तरीय राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में अमरोहा जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
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जिला चिकित्सालय के नेत्र सर्जन डॉ. टीपी सिंह का प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान रहा है। उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन में मोतियाबिंद की बीमारी का इलाज किया जाता है। इसके अलावा इसे लेंस रिप्लेसमेंट सर्जरी भी कहा जाता है। जिसमें आंखों के लेंस को बदलकर कृत्रिम लेंस को लगाया जाता है। आमतौर पर मोतियाबिंद ऑपरेशन को कुछ घंटों में ही किया जाता है। जिसके बाद व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रदेश में जनपद को प्रथम स्थान दिलाने में सीएमओ डॉ. सौभाग्य गुप्ता, एसीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमएस डॉ. एके गुप्ता और डीपीएम आदि का पूर्ण सहयोग रहा है। सीएमएस डॉ एके गुप्ता ने बताया कि नेत्र ऑपरेशन में अमरोहा प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जबकि डॉ टीपी सिंह का प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान रहा है, यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
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मोतियाबिंद के प्रमुख लक्षण
. दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता, बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष में निरंतर बढ़ोतरी
. रात में ड्राइविंग में दिक्कत आना जैसे लाइट पड़ने से आंखें चौंधियाना
. दिन के समय आंखें चौंधियाना
. दोहरी दृष्टि (डबल विजन)
. चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना