दरगाह हजरत शरफुद्दीन शाह विलायत रहमतुल्लाह अलैह पर चल रहे चार दिवसीय उर्स का बुधवार को परंपरागत तरीके से समापन हो गया। अकीदतमंदों ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। इस दौरान कुल शरीफ के बाद मुल्क और कौम की सलामती के लिए दुआ की गई।
बुधवार को शाह विलायत दरगाह पर कुल शरीफ के चलते सुबह से जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। उर्स के आखिरी दिन की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरान ख्वानी की गई। इसके बाद दरगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ जमा हो गई। जायरीनों ने मजारे मुबारक पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। दोपहर में एमएलसी परवेज अली ने दरगाह पहुंचकर चादरपोशी की। शाम चार बजे मुतवल्ली हसन शुजा नकवी के मोहल्ला घेर मुनाफ स्थित आवास से निकला चादर शरीफ का जुलूस दरगाह पहुंचा। यहां पंडाल में सजी महफिल में कव्वालों ने शाह की शान में कलाम पेशकर कर वाही-वाही लूटी। इस दौरान मौलाना तौहीद रजा, नईम रजा, परवेज सईद, कामिल सिद्दीकी, शाने हैदर नकवी, जफर अब्बास नकवी, प्रोफेसर नाशिर नकवी, जहूरुल हसन, हसन इमाम नकवी, यासिर अंसारी, इमाम मेहदी, अरमान सिद्दीकी, हाजी खुर्शीद अनवर, मंसूर आलम, अरशद पाशा, रामिश कुरैशी, मरगूब सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।