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Amroha News: एंबुलेंस पंजीकरण मामले में दो एआरटीओ पर कार्रवाई
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अमरोहा। फर्जी फर्मों को गलत नाम-पते पर 700 एंबुलेंस का पंजीयन देने के मामले में विभाग ने तत्कालीन दो एआरटीओ पर भी कार्रवाई की है। दोनों एआरटीओ सेवानिवृत्त हो चुके हैं, ऐसी स्थिति में विभाग ने दोनों की पेंशन में कटौती की है। वहीं, एआरटीओ अमरोहा के द्वारा फर्मों के मालिक और एंबुलेंस संचालकों को नोटिस भेजने की कवायद की जा रही है। इसके बाद एंबुलेंस का पंजीयन निरस्त किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं। सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एम्बुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एम्बुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एम्बुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत हैं।
जबकि हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी हैं। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं है। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी हैं। अस्थायी पते के कॉलम में दोनों फर्मों और इकबाल नगर जोया के फर्जी पते दर्ज किए गए थे।
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एआरटीओ कार्यालय में चल रहे फर्जीवाड़ा से कोरोना काल में पर्दा उठा था। एआरटीओ का महेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग के द्वारा तत्कालीन एआरटीओ दरोगा सिंह और रमाकांत वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। दोनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसलिए विभाग ने दोनों की पेंशन से 5 हजार से 5500 रुपये तक की कटौती की है।
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सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं। सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एम्बुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एम्बुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एम्बुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत हैं।
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जबकि हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी हैं। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं है। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी हैं। अस्थायी पते के कॉलम में दोनों फर्मों और इकबाल नगर जोया के फर्जी पते दर्ज किए गए थे।
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एआरटीओ कार्यालय में चल रहे फर्जीवाड़ा से कोरोना काल में पर्दा उठा था। एआरटीओ का महेश कुमार शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग के द्वारा तत्कालीन एआरटीओ दरोगा सिंह और रमाकांत वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। दोनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसलिए विभाग ने दोनों की पेंशन से 5 हजार से 5500 रुपये तक की कटौती की है।