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चुनाव प्रचार वाहन चालक की सड़क हादसे में मौत
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मृतक महीपाल का फाइल फोटो।
- फोटो : JPNAGAR
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रजबपुर/अमरोहा। एक प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में शामिल वाहन चालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। घर लौटते समय अतरासी रोड पर अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
रजबपुर थाना क्षेत्र के तसिया मिलक गांव में छज्जू सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटे कृपाल सिंह, संजय उर्फ संजू और महीपाल सिंह थे। कृपाल सिंह की बीमारी के चलते चार साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि संजय उर्फ संजू मानसिक रूप से कमजोर है। सबसे छोटा बेटा महीपाल (22) कभी भी किसी वाहन पर चालक की नौकरी कर लेता था। फिलहाल वह नौगांवा सादात विधानसभा से एक प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में शामिल एक वाहन पर बतौर चालक तैनात था। सोमवार की रात चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद करीब नौ बजे वह बाइक से घर लौट रहा था। पपसरा चौकी से कुछ दूरी पर अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में महीपाल की मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस महीपाल को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां चिकित्सकों ने उसके मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त कर परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चार साल में दो बार उजड़ा पूनम का सुहाग
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक महीपाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके सबसे बड़े भाई कृपाल सिंह की शादी पूनम के साथ हुई थी। इस दौरान पूनम ने दो बच्चों को जन्म दिया था। लेकिन, कृपाल की बीमारी के चलते मौत हो गई। दूसरे नंबर का भाई संजय उर्फ संजू मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए गम के थोड़े दिन बाद परिजनों ने पूनम की शादी महीपाल के साथ करा दी थी। बाद में पूनम ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन, सोमवार की रात महीपाल की भी मौत हो गई। चार साल के भीतर पूनम का सुहाग दो बार उजड़ गया। जिसके बाद पूनम और उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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रजबपुर थाना क्षेत्र के तसिया मिलक गांव में छज्जू सिंह का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटे कृपाल सिंह, संजय उर्फ संजू और महीपाल सिंह थे। कृपाल सिंह की बीमारी के चलते चार साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि संजय उर्फ संजू मानसिक रूप से कमजोर है। सबसे छोटा बेटा महीपाल (22) कभी भी किसी वाहन पर चालक की नौकरी कर लेता था। फिलहाल वह नौगांवा सादात विधानसभा से एक प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में शामिल एक वाहन पर बतौर चालक तैनात था। सोमवार की रात चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद करीब नौ बजे वह बाइक से घर लौट रहा था। पपसरा चौकी से कुछ दूरी पर अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में महीपाल की मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस महीपाल को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां चिकित्सकों ने उसके मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त कर परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चार साल में दो बार उजड़ा पूनम का सुहाग
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक महीपाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके सबसे बड़े भाई कृपाल सिंह की शादी पूनम के साथ हुई थी। इस दौरान पूनम ने दो बच्चों को जन्म दिया था। लेकिन, कृपाल की बीमारी के चलते मौत हो गई। दूसरे नंबर का भाई संजय उर्फ संजू मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए गम के थोड़े दिन बाद परिजनों ने पूनम की शादी महीपाल के साथ करा दी थी। बाद में पूनम ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन, सोमवार की रात महीपाल की भी मौत हो गई। चार साल के भीतर पूनम का सुहाग दो बार उजड़ गया। जिसके बाद पूनम और उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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