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हसनपुर में तहसील निर्माण के लिए कमिश्नर ने भूमि का किया मुआयना
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हसनपुर। नगर में तहसील निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गर्माया है। कमिश्नर यशवंत राव ने तीन जगहों पर भूमि का जायजा लिया। भूमि और आने जाने वाले रास्तों की नपाई भी कराई गई। मालूम रहे कि अब तहसील निर्माण का निर्णय राज्य सरकार और जिला प्रशासन के विवेक पर निर्भर है। इसीलिए कमिश्नर ने भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया है। हालांकि तहसील भवन निर्माण के लिए किसी जगह पर निर्णय नहीं हो सका है।
कई दशक से मुख्य बाजार में तहसील मुख्यालय संचालित था। यह भवन जर्जर हो चुका था। तीन साल पहले तत्कालीन कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने यथास्थान पर ही बहुमंजिला तहसील भवन के लिए धनराशि आवंटित कराई थी। शिलान्यास के साथ तहसील भवन का निर्माण भी शुरू हो गया था। तहसील को अस्थायी रूप से मंडी समिति में स्थानांतरित कर दिया था। भाकियू भानू के तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी ने हाईकोर्ट से स्टे लिया था। इसके बाद तहसील भवन के निर्माण का कार्य रोक दिया गया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुुंचा। सुनवाई के दौरान निर्णय हुआ कि तहसील का निर्माण किस स्थान पर होना है। यह राज्य सरकार और जिला प्रशासन के विवेक पर निर्भर है। इसके चलते बुधवार को मंडलायुक्त यशवंत राव, एडीएम वित्त और राजस्व गुलाब चंद्र के साथ पहुंचे। उन्होंने करनपुर माफी में भूमि का मुआयना किया। इसके बाद द किसान सहकारी चीनी मिल कालाखेड़ा के पास स्थित एक भूमि को देखा। इसके बाद मुख्य बाजार में यथास्थान वाली भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम उद्भव त्रिपाठी, तहसीलदार राजेशचंद्रा आदि रहे।
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कई दशक से मुख्य बाजार में तहसील मुख्यालय संचालित था। यह भवन जर्जर हो चुका था। तीन साल पहले तत्कालीन कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने यथास्थान पर ही बहुमंजिला तहसील भवन के लिए धनराशि आवंटित कराई थी। शिलान्यास के साथ तहसील भवन का निर्माण भी शुरू हो गया था। तहसील को अस्थायी रूप से मंडी समिति में स्थानांतरित कर दिया था। भाकियू भानू के तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी ने हाईकोर्ट से स्टे लिया था। इसके बाद तहसील भवन के निर्माण का कार्य रोक दिया गया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुुंचा। सुनवाई के दौरान निर्णय हुआ कि तहसील का निर्माण किस स्थान पर होना है। यह राज्य सरकार और जिला प्रशासन के विवेक पर निर्भर है। इसके चलते बुधवार को मंडलायुक्त यशवंत राव, एडीएम वित्त और राजस्व गुलाब चंद्र के साथ पहुंचे। उन्होंने करनपुर माफी में भूमि का मुआयना किया। इसके बाद द किसान सहकारी चीनी मिल कालाखेड़ा के पास स्थित एक भूमि को देखा। इसके बाद मुख्य बाजार में यथास्थान वाली भूमि का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ एसडीएम उद्भव त्रिपाठी, तहसीलदार राजेशचंद्रा आदि रहे।
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