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शीत सत्र में एससीएसटी एक्ट में हो संशोधन
Updated Mon, 03 Dec 2018 12:40 AM IST
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गजरौला। भारतीय सवर्ण महासभा की गजरौला में हुई सभा में हाल में लागू किए गए एससीएसटी एक्ट में 22 दिसंबर को शीत सत्र में संशोधन कराने की मांग की है। अन्यथा की स्थिति में महासभा ने 23 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसओ गजरौला को सौंपा।
गजरौला में हुई महासभा को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी भंवर सिंह चौहान ने कहा कि देश व समाज पर पिछले दिनों लोकसभा बिल के साथ जो एससीएसटी एक्ट लागू किया गया है, उसे वापस लिया जाना चाहिए। इसका दुरूपयोग हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग व आरक्षण से वंचित लोगों को 51 फीसदी में से आरक्षण दिया जाना चाहिए, उसमें अन्य किसी की घुसपैठ न हो। उन्होंने मांग कि 22 दिसंबर से शुरू होने वाली शीत सत्र में एससीएसटी एक्ट में संशोधन किया जाए। यदि संशोधन नहीं होता है, तो सवर्ण महासभा 23 दिसंबर से फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
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गजरौला में हुई महासभा को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी भंवर सिंह चौहान ने कहा कि देश व समाज पर पिछले दिनों लोकसभा बिल के साथ जो एससीएसटी एक्ट लागू किया गया है, उसे वापस लिया जाना चाहिए। इसका दुरूपयोग हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग व आरक्षण से वंचित लोगों को 51 फीसदी में से आरक्षण दिया जाना चाहिए, उसमें अन्य किसी की घुसपैठ न हो। उन्होंने मांग कि 22 दिसंबर से शुरू होने वाली शीत सत्र में एससीएसटी एक्ट में संशोधन किया जाए। यदि संशोधन नहीं होता है, तो सवर्ण महासभा 23 दिसंबर से फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
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