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तिगरी मेले में सेक्टर 11 के पास बनेगा सबसे बड़ा घाट, तैयारियां तेज
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:03 AM IST
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तिगरी मेले में सेक्टर 11 के पास बनेगा सबसे बड़ा घाट, तैयारियां तेज
-विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लिया तैयारियों का जायजा
- मेले में पहुंचा कई प्रकार के झूलों का सामान, मौत का कुंआ भी बनने लगा
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। ऐतिहासिक तिगरी मेले के आयोजन की तैयारियां अब युद्घ स्तर पर की जा रही हैं। गंगा का जलस्तर अधिक होने के चलते इस बार घाट बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने 11 घाट बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन अभी तक केवल चार घाटों के स्थान ही तय हो पाए हैं। मंगलवार को विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तिगरी पहुंच मेले की तैयारियों का जायजा लिया। सेक्टर 11 के सामने एक बड़ा घाट बनाने की तैयारी की जा रही है। अफसरों की मानें तो यह घाट तीन से चार घाटों के जितना बड़ा रहेगा। माना जा रहा है कि यह घाट मेले का मुख्य घाट रहेगा। यहीं पर सबसे ज्यादा श्रद्घालु एक साथ स्नान कर सकेंगे। इस दौरान मेले में स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस बार कई प्रयोग किए जाने का तैयारी अफसरों द्वारा की जा रही है। गंगा में भी सफाई का संदेश लिखे बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाएंगे। तिगरी में तंबुओं का शहर बसना शुरू हो गया है।
ऐतिहासिक तिगरी मेला इस बार 25 अक्टूबर को शुभारंभ होना प्रस्तावित है। तिगरी मेले को सरकारी मेले का दर्जा मिलने के बाद पहले के मुताबिक इस बार मेला आयोजन की तैयारियों में अफसर पूरी ताकत झोंकते दिखाई दे रहे हैं। इस बार मेले को उत्सव की तरह सजाए जाने की पूरी कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक नबंवर के प्रस्तावित कार्यक्रम की वजह से मेले को व्यवस्थित रूप में बसाना अफसरों के लिए चुनौनी बना हुआ है। अफसर दिन रात मेला तैयारियों में जुटे हैं। इसके चलते तिगरी मेला सजना शुरू हो गया है। पुलिस लाइन का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कई प्रकार के झूलों और मौत के कुआं का सामान तिगरी मेला स्थल पर पहुंच गया हैं। मेले में इस बार अफसरों के सामने श्रद्घालुओं को सकुशल और शांतिपूर्वक स्नान कराना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। क्योंकि, इस बार जलस्तर अधिक होने की वजह से घाटों की संख्या बहुत कम रहेगी। 11 घाट बनाने तय किए गए थे, लेकिन चार घाटों का स्थान ही सुनिश्चित हो पाया है। इसी को देखते हुए मंगलवार को मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र मेला स्थल पहुंचे। तैयारियों का बारीकी के साथ जायजा लिया गया। घाटों की संख्या बढ़ाने के लिए सेक्टर 11 की तरफ गोताखोरों की सहायता से सही स्थान की जांच कराई गई। अफसरों की मानें तो यहीं पर मेले का सबसे बड़ा घाट बनाया जाएगा। यहां तीन से चार घाटों जिनता बड़ा स्थान स्नान के लिए सही माना जा रहा है। यदि यहां घाट बनाया जाता है, तो श्रद्घालुओं को काफी दूर पैदल चलना भी पड़ेगा। तिगरी में तंबुओं का शहर तेजी से बसना शुरू हो गया है।
स्वच्छता मिशन का हर जगह संदेश देंगे होर्डिंग
गजरौला। स्वच्छता मिशन का हर जगह संदेश देने के लिए होर्डिंग्स लगवाए जाएंगे। धनौरा एसडीएम गंभीर सिंह ने बताया कि बीच गंगा में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाए जाएंगे। जिस पर साफ-साफ लिखा होगा कि स्वच्छता बनाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। होर्डिंग्स पर यह भी लिखा होगा कि पहले और अब में सफाई के लिए क्या-क्या नई व्यवस्था की गई है।
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घाट 7 और 8 पर टीन की होगी बैरिकेडिंग
गजरौला। इस बार गंगा का जलस्तर अधिक होने के चलते श्रद्घालुओं की सुरक्षा के लिए अफसर ज्यादा विचार कर रहे हैं। इसलिए घाटों की संख्या ज्यादा नहीं हो पा रही है। थानाध्यक्ष अरविंद मोहन शर्मा ने बताया कि घाट संख्या सात या आठ पर अधिक जल होने के चलते यहां स्नान नहीं हो पाएगा। लेकिन, श्रद्घालुओं की संख्या अधिक होने पर यहां कोई भी स्नान करने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए यहां टीन की बैरिकेडिंग की जाएगी। इस बारे में पुलिस अधीक्षक को भी बताया जा चुका है।
स्थान को लेकर दुकानदारों में मारामारी
गजरौला। स्थान को लेकर दुकानदारों में मारामारी का सिलसिला शुरू हो गया है। तिगरी मेले में सदर चौक पर हर कोई अपनी दुकान चलाने की चाहत रखता है। क्योंकि, यहां सबसे अधिक भीड़भाड़ होती है। अभी मेला बसना शुरू हो रहा, तो दुकानदार दुकानों का सामान लेकर मेला स्थल पहुंचने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को कई दुकानदार एक ही स्थान पर दुकान बनाने के चक्कर में मारामारी करते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें किसी तरह से शांत किया।
मेले में अलग बनाया श्मशान घाट
गजरौला। ऐतिहासिक मेले के दौरान यदि कोई तिगरी में दाह संस्कार के लिए पहुंचता है। तो उन्हें वहां मनचाही जगह दाह संस्कार करने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने तिगरी में श्मशान घाट को अलग बनवा दिया है। मेले के दौरान दाह संस्कार करने वालों के लिए पुलिस चौकी के पास से होकर जाने वाले रास्ते से गुजरना होगा। वहां पर प्रशासन द्वारा श्मशान घाट का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
फोटो भी है।
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-विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लिया तैयारियों का जायजा
- मेले में पहुंचा कई प्रकार के झूलों का सामान, मौत का कुंआ भी बनने लगा
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। ऐतिहासिक तिगरी मेले के आयोजन की तैयारियां अब युद्घ स्तर पर की जा रही हैं। गंगा का जलस्तर अधिक होने के चलते इस बार घाट बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने 11 घाट बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन अभी तक केवल चार घाटों के स्थान ही तय हो पाए हैं। मंगलवार को विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने तिगरी पहुंच मेले की तैयारियों का जायजा लिया। सेक्टर 11 के सामने एक बड़ा घाट बनाने की तैयारी की जा रही है। अफसरों की मानें तो यह घाट तीन से चार घाटों के जितना बड़ा रहेगा। माना जा रहा है कि यह घाट मेले का मुख्य घाट रहेगा। यहीं पर सबसे ज्यादा श्रद्घालु एक साथ स्नान कर सकेंगे। इस दौरान मेले में स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस बार कई प्रयोग किए जाने का तैयारी अफसरों द्वारा की जा रही है। गंगा में भी सफाई का संदेश लिखे बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाएंगे। तिगरी में तंबुओं का शहर बसना शुरू हो गया है।
ऐतिहासिक तिगरी मेला इस बार 25 अक्टूबर को शुभारंभ होना प्रस्तावित है। तिगरी मेले को सरकारी मेले का दर्जा मिलने के बाद पहले के मुताबिक इस बार मेला आयोजन की तैयारियों में अफसर पूरी ताकत झोंकते दिखाई दे रहे हैं। इस बार मेले को उत्सव की तरह सजाए जाने की पूरी कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक नबंवर के प्रस्तावित कार्यक्रम की वजह से मेले को व्यवस्थित रूप में बसाना अफसरों के लिए चुनौनी बना हुआ है। अफसर दिन रात मेला तैयारियों में जुटे हैं। इसके चलते तिगरी मेला सजना शुरू हो गया है। पुलिस लाइन का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कई प्रकार के झूलों और मौत के कुआं का सामान तिगरी मेला स्थल पर पहुंच गया हैं। मेले में इस बार अफसरों के सामने श्रद्घालुओं को सकुशल और शांतिपूर्वक स्नान कराना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। क्योंकि, इस बार जलस्तर अधिक होने की वजह से घाटों की संख्या बहुत कम रहेगी। 11 घाट बनाने तय किए गए थे, लेकिन चार घाटों का स्थान ही सुनिश्चित हो पाया है। इसी को देखते हुए मंगलवार को मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र मेला स्थल पहुंचे। तैयारियों का बारीकी के साथ जायजा लिया गया। घाटों की संख्या बढ़ाने के लिए सेक्टर 11 की तरफ गोताखोरों की सहायता से सही स्थान की जांच कराई गई। अफसरों की मानें तो यहीं पर मेले का सबसे बड़ा घाट बनाया जाएगा। यहां तीन से चार घाटों जिनता बड़ा स्थान स्नान के लिए सही माना जा रहा है। यदि यहां घाट बनाया जाता है, तो श्रद्घालुओं को काफी दूर पैदल चलना भी पड़ेगा। तिगरी में तंबुओं का शहर तेजी से बसना शुरू हो गया है।
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स्वच्छता मिशन का हर जगह संदेश देंगे होर्डिंग
गजरौला। स्वच्छता मिशन का हर जगह संदेश देने के लिए होर्डिंग्स लगवाए जाएंगे। धनौरा एसडीएम गंभीर सिंह ने बताया कि बीच गंगा में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाए जाएंगे। जिस पर साफ-साफ लिखा होगा कि स्वच्छता बनाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। होर्डिंग्स पर यह भी लिखा होगा कि पहले और अब में सफाई के लिए क्या-क्या नई व्यवस्था की गई है।
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घाट 7 और 8 पर टीन की होगी बैरिकेडिंग
गजरौला। इस बार गंगा का जलस्तर अधिक होने के चलते श्रद्घालुओं की सुरक्षा के लिए अफसर ज्यादा विचार कर रहे हैं। इसलिए घाटों की संख्या ज्यादा नहीं हो पा रही है। थानाध्यक्ष अरविंद मोहन शर्मा ने बताया कि घाट संख्या सात या आठ पर अधिक जल होने के चलते यहां स्नान नहीं हो पाएगा। लेकिन, श्रद्घालुओं की संख्या अधिक होने पर यहां कोई भी स्नान करने की कोशिश कर सकता है। इसके लिए यहां टीन की बैरिकेडिंग की जाएगी। इस बारे में पुलिस अधीक्षक को भी बताया जा चुका है।
स्थान को लेकर दुकानदारों में मारामारी
गजरौला। स्थान को लेकर दुकानदारों में मारामारी का सिलसिला शुरू हो गया है। तिगरी मेले में सदर चौक पर हर कोई अपनी दुकान चलाने की चाहत रखता है। क्योंकि, यहां सबसे अधिक भीड़भाड़ होती है। अभी मेला बसना शुरू हो रहा, तो दुकानदार दुकानों का सामान लेकर मेला स्थल पहुंचने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को कई दुकानदार एक ही स्थान पर दुकान बनाने के चक्कर में मारामारी करते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें किसी तरह से शांत किया।
मेले में अलग बनाया श्मशान घाट
गजरौला। ऐतिहासिक मेले के दौरान यदि कोई तिगरी में दाह संस्कार के लिए पहुंचता है। तो उन्हें वहां मनचाही जगह दाह संस्कार करने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने तिगरी में श्मशान घाट को अलग बनवा दिया है। मेले के दौरान दाह संस्कार करने वालों के लिए पुलिस चौकी के पास से होकर जाने वाले रास्ते से गुजरना होगा। वहां पर प्रशासन द्वारा श्मशान घाट का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
फोटो भी है।