{"_id":"59bc3cdf4f1c1b36688b4df0","slug":"71505508575-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पतालकर्मियों की संवेदनहीनता से महिला की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पतालकर्मियों की संवेदनहीनता से महिला की मौत
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी धनौरा।
स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला के परिजनों ने चिकित्सक व 108 एंबुलेंस के चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। चिकित्सक और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
क्षेत्र के गांव कैसरा निवासी मोती सिंह की पत्नी वीरवती (50 ) को सांस लेने में परेशानी थी। शुक्रवार सुबह मोती ने उसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया था। मोती का आरोप है कि उसने चिकित्सक से पत्नी को आक्सीजन लगाने का अनुरोध किया था। चिकित्सक ने आक्सीजन लगाने के लिए 1500 रुपए की मांग की। रुपये नहीं देने पर वीरवती को अस्पताल से निकाल दिया गया। चिकित्सक से विनती की गई तो उसने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मोती का आरोप है कि 108 एंबुलेंस के चालक ने रुपयों की मांग की। रुपये नहीं देने पर चालक पत्नी को नाजुक हालत में नौगावां फाटक के पास उतारकर चला गया। परिजनों ने प्राइवेट एंबुलेंस की तलाश की, लेकिन तब तक वीरवती की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर उसके परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव चांदपुर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर सड़क से हटाया। मोती सिंह ने पत्नी की मौत के लिए चिकित्सक व एंबुलेंस चालक को दोषी ठहराते हुए थाने में तहरीर दी है।
उपचार करने वाले चिकित्सक ने बताया कि महिला के पति के आरोप झूठे हैं। मैं सुबह को ही टीबी से संबंधित मीटिंग में अमरोहा चला गया था। दोपहर तीन बजे वापस आने पर घटना की जानकारी हुई। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने महिला को हर संभव उपचार दिया। घटना की जानकारी विभागीय अफसरों को दे दी गई है।
विज्ञापन
...
विज्ञापन
मंडी धनौरा।
स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला के परिजनों ने चिकित्सक व 108 एंबुलेंस के चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। चिकित्सक और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
क्षेत्र के गांव कैसरा निवासी मोती सिंह की पत्नी वीरवती (50 ) को सांस लेने में परेशानी थी। शुक्रवार सुबह मोती ने उसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया था। मोती का आरोप है कि उसने चिकित्सक से पत्नी को आक्सीजन लगाने का अनुरोध किया था। चिकित्सक ने आक्सीजन लगाने के लिए 1500 रुपए की मांग की। रुपये नहीं देने पर वीरवती को अस्पताल से निकाल दिया गया। चिकित्सक से विनती की गई तो उसने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मोती का आरोप है कि 108 एंबुलेंस के चालक ने रुपयों की मांग की। रुपये नहीं देने पर चालक पत्नी को नाजुक हालत में नौगावां फाटक के पास उतारकर चला गया। परिजनों ने प्राइवेट एंबुलेंस की तलाश की, लेकिन तब तक वीरवती की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर उसके परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव चांदपुर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर सड़क से हटाया। मोती सिंह ने पत्नी की मौत के लिए चिकित्सक व एंबुलेंस चालक को दोषी ठहराते हुए थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन
उपचार करने वाले चिकित्सक ने बताया कि महिला के पति के आरोप झूठे हैं। मैं सुबह को ही टीबी से संबंधित मीटिंग में अमरोहा चला गया था। दोपहर तीन बजे वापस आने पर घटना की जानकारी हुई। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने महिला को हर संभव उपचार दिया। घटना की जानकारी विभागीय अफसरों को दे दी गई है।
विज्ञापन
...