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दस सेमी घटा जलस्तर, ओसीता जग्देपुर के खेतों में पानी बरकरार
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:34 AM IST
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शुक्रवार को 78 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
गंगा का जलस्तर शुक्रवार को दस सेमी घट गया। इससे किसानों को राहत जरूर मिली होगी, लेकिन ओसीता जग्देपुर के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। खेतों से चारा लाने में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार व बिजनौर डैम से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को 78 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।
ओसीता जग्देपुर के जंगल में बोई गईं करीब एक हजार बीघा से ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में बाढ़ का पानी पिछले दस से भरा हुआ है। जिससे फसलों का नष्ट होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इसके अलावा किसानों को खेत से चारा लाने आदि में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर लगातार दहशत बनी हुई है। अन्नदाता बैचेन हैं कि यदि बाढ़ आई तो फसलों का क्या होगा। शुक्रवार को भी डैम से करीब 78 हजार पानी गंगा में छोड़ा गया। इसका असर शनिवार को देखा जा सकता है। गुरुवार को ब्रजघाट में 200.30 व तिगरी में 200.50 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। शुक्रवार को दस सेमी की कमी होने पर यह ब्रजघाट में 200.20 व तिगरी में 200.40 गेज मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से गंगा ज्यादा नीचे नहीं बची है। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार तटबंधन का कार्य कराया जा रहा है।
गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे लगातार डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। अभी गंगा का जलस्तर और भी बढ़ने की पूरी आशंका है।
- प्रदीप कुमार, जेई, बाढ़ चौकी तिगरी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
गंगा का जलस्तर शुक्रवार को दस सेमी घट गया। इससे किसानों को राहत जरूर मिली होगी, लेकिन ओसीता जग्देपुर के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। खेतों से चारा लाने में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार व बिजनौर डैम से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को 78 हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया।
ओसीता जग्देपुर के जंगल में बोई गईं करीब एक हजार बीघा से ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही फसलों में बाढ़ का पानी पिछले दस से भरा हुआ है। जिससे फसलों का नष्ट होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इसके अलावा किसानों को खेत से चारा लाने आदि में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर लगातार दहशत बनी हुई है। अन्नदाता बैचेन हैं कि यदि बाढ़ आई तो फसलों का क्या होगा। शुक्रवार को भी डैम से करीब 78 हजार पानी गंगा में छोड़ा गया। इसका असर शनिवार को देखा जा सकता है। गुरुवार को ब्रजघाट में 200.30 व तिगरी में 200.50 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। शुक्रवार को दस सेमी की कमी होने पर यह ब्रजघाट में 200.20 व तिगरी में 200.40 गेज मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से गंगा ज्यादा नीचे नहीं बची है। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार तटबंधन का कार्य कराया जा रहा है।
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गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे लगातार डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। अभी गंगा का जलस्तर और भी बढ़ने की पूरी आशंका है।
- प्रदीप कुमार, जेई, बाढ़ चौकी तिगरी।