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Amroha News: हरिद्वार से 14वीं कांवड़ लेकर लौटे संभल के 65 वर्षीय छोटे
Mon, 24 Feb 2025 12:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:18 AM IST
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अमरोहा।
संभल के 65 वर्षीय छोटे सिंह 14वीं कांवड़ में हरिद्वार से जल भरकर गंतव्य के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की शाम तक घर पहुंचकर 26 को जलाभिषेक करेंगे। करीब 165 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। अभी 60 किलोमीटर का सफर और पूरा करना है।
हरिद्वार से 14वीं कांवड़ लेकर अमरोहा पहुंचे संभल जिले के शेरूआ गांव निवासी 65 वर्षीय छोटे सिंह को पारिवारिक कलह के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा था। उन्होंने बताया कि एक दिन अचानक एक साधु घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। साधु ने कहा कि जिन समस्याओं से तुम जूझ रहे हो। भोलेनाथ उन समस्याओं का निस्तारण कर देंगे। फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि पर कांवड़ लाकर भगवान का जलाभिषेक करो, इसके बाद चमत्कार होगा। छोटे सिंह तभी से हर साल कांवड़ लेकर भगवान भोलेशंकर का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने बताया कि सन 2012 से वह लगातार हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे हैं।
पिछले तीन साल से पूरा परिवार हरिद्वार से ला रहा है कांवड़
मंडी धनौरा।
लाेग अपनी मन्नत पूरी होने पर या मन्नत मांगने पर तीर्थयात्रा करते हैं, लेकिन बुलंदशहर के पहासू कस्बे के सौरभ कुमार सिर्फ भक्तिभाव में अपने पूरे परिवार के साथ पिछले तीन साल से पैदल कांवड़ ला रहे हैं। कावंड़ यात्रा में उनके साथ उनके दो छोटे पुत्र व पुत्री भी शामिल हैं।
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सौरभ जादौन रविवार को अपने पूरे परिवार के साथ कांवड़ लेकर नगर के भीतर से गुजरे। दो छोटे बच्चों के कंधे पर कांवड़ देखकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। बातचीत में सौरभ जादौन ने बताया कि वह अपनी बहन रेशू, पत्नी सुनीता, दो पुत्र प्रतीक व लव और पुत्री कनिष्का के साथ पैदल ही कांवड़ लेकर आ रहे हैं। प्रतीक (9) का है, जबकि लव (8) है। सौरभ की बहन रेशू ने बताया कि उनका पूरा परिवार भगवान महादेव का भक्त है। पिछले तीन साल से पूरा परिवार पैदल ही कांवड़ लाता है। कोई मनोकामना पूरी होने पर कांवड़ लाने के बारे में पूछने पर सौरभ बताते हैं कि वह सिर्फ आस्था व भक्ति की वजह से हर साल कांवड़ ला रहे हैं। संवाद
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संभल के 65 वर्षीय छोटे सिंह 14वीं कांवड़ में हरिद्वार से जल भरकर गंतव्य के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की शाम तक घर पहुंचकर 26 को जलाभिषेक करेंगे। करीब 165 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। अभी 60 किलोमीटर का सफर और पूरा करना है।
हरिद्वार से 14वीं कांवड़ लेकर अमरोहा पहुंचे संभल जिले के शेरूआ गांव निवासी 65 वर्षीय छोटे सिंह को पारिवारिक कलह के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा था। उन्होंने बताया कि एक दिन अचानक एक साधु घर पहुंचे तो उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। साधु ने कहा कि जिन समस्याओं से तुम जूझ रहे हो। भोलेनाथ उन समस्याओं का निस्तारण कर देंगे। फाल्गुन माह की महाशिवरात्रि पर कांवड़ लाकर भगवान का जलाभिषेक करो, इसके बाद चमत्कार होगा। छोटे सिंह तभी से हर साल कांवड़ लेकर भगवान भोलेशंकर का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने बताया कि सन 2012 से वह लगातार हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे हैं।
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पिछले तीन साल से पूरा परिवार हरिद्वार से ला रहा है कांवड़
मंडी धनौरा।
लाेग अपनी मन्नत पूरी होने पर या मन्नत मांगने पर तीर्थयात्रा करते हैं, लेकिन बुलंदशहर के पहासू कस्बे के सौरभ कुमार सिर्फ भक्तिभाव में अपने पूरे परिवार के साथ पिछले तीन साल से पैदल कांवड़ ला रहे हैं। कावंड़ यात्रा में उनके साथ उनके दो छोटे पुत्र व पुत्री भी शामिल हैं।
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सौरभ जादौन रविवार को अपने पूरे परिवार के साथ कांवड़ लेकर नगर के भीतर से गुजरे। दो छोटे बच्चों के कंधे पर कांवड़ देखकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। बातचीत में सौरभ जादौन ने बताया कि वह अपनी बहन रेशू, पत्नी सुनीता, दो पुत्र प्रतीक व लव और पुत्री कनिष्का के साथ पैदल ही कांवड़ लेकर आ रहे हैं। प्रतीक (9) का है, जबकि लव (8) है। सौरभ की बहन रेशू ने बताया कि उनका पूरा परिवार भगवान महादेव का भक्त है। पिछले तीन साल से पूरा परिवार पैदल ही कांवड़ लाता है। कोई मनोकामना पूरी होने पर कांवड़ लाने के बारे में पूछने पर सौरभ बताते हैं कि वह सिर्फ आस्था व भक्ति की वजह से हर साल कांवड़ ला रहे हैं। संवाद