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.ऐतिहासिक तिगरी मेले की तैयारियों में बाधा बन रहे घाट
Updated Sun, 29 Oct 2017 01:54 AM IST
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ऐतिहासिक तिगरी मेले की तैयारियों में बाधा बने घाट
गजरौला।
ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेला आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अभी तक घाटों की संख्या कम होना अफसरों के लिए चिंता का सबब बना है। जलस्तर अधिक होने से घाटों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। घाटों के स्थान को लेकर अफसरों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। अभी तक केवल पांच घाटों का स्थान ही तय हो पाया है, जो बारह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के एक साथ स्नान करने के हिसाब से कम है। इसी के मद्देनजर शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह, एसडीएम गंभीर सिंह व सीओ मोनिका यादव ने नाव में बैठकर घाटों की स्थिति को देखा।
तिगरी मेला इस बार 31 अक्तूबर को शुरू हो जाएगा। अफसरों के सामने घाटों को लेकर भारी परेशानी बनी है। वजह यह है कि पिछले कई सालों से तिगरी गंगा मेला में हर साल दस लाख से अधिक श्रद्घालु कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान कर पुण्य कमाते हैं। दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा की दृष्टि से स्नान के लिए दस से ज्यादा घाट बनाए जाते थे। इस बार मेले में स्नान के लिए 11 घाट बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन जलस्तर अधिक होने की वजह से सही स्थान नहीं मिल पाया। अभी तक केवल पांच घाट ही निश्चित हो पाए हैं, जो लाखों की भीड़ के स्नान के लिए कम हैं। हालांकि सेक्टर 11 के सामने एक बड़ा घाट श्रद्घालुओं के लिए देखा गया है। लेकिन वहां स्नान को जाने के लिए श्रद्घालुओं को करीब दो किमी पैदल चलना होगा। शनिवार को एएसप, एसडीएम व सीओ ने जिला पंचायत के इंजीनयर भगत सिंह के साथ नाव में बैठकर गंगा में घाट ों के स्थान निश्चित करने के लिए जलस्तर की गहराई जांची। श्रद्धालुओं की सुुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला चारों दिशाओं से बसना शुरू हो गया है।
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गजरौला।
ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेला आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अभी तक घाटों की संख्या कम होना अफसरों के लिए चिंता का सबब बना है। जलस्तर अधिक होने से घाटों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। घाटों के स्थान को लेकर अफसरों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। अभी तक केवल पांच घाटों का स्थान ही तय हो पाया है, जो बारह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के एक साथ स्नान करने के हिसाब से कम है। इसी के मद्देनजर शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह, एसडीएम गंभीर सिंह व सीओ मोनिका यादव ने नाव में बैठकर घाटों की स्थिति को देखा।
तिगरी मेला इस बार 31 अक्तूबर को शुरू हो जाएगा। अफसरों के सामने घाटों को लेकर भारी परेशानी बनी है। वजह यह है कि पिछले कई सालों से तिगरी गंगा मेला में हर साल दस लाख से अधिक श्रद्घालु कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान कर पुण्य कमाते हैं। दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा की दृष्टि से स्नान के लिए दस से ज्यादा घाट बनाए जाते थे। इस बार मेले में स्नान के लिए 11 घाट बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन जलस्तर अधिक होने की वजह से सही स्थान नहीं मिल पाया। अभी तक केवल पांच घाट ही निश्चित हो पाए हैं, जो लाखों की भीड़ के स्नान के लिए कम हैं। हालांकि सेक्टर 11 के सामने एक बड़ा घाट श्रद्घालुओं के लिए देखा गया है। लेकिन वहां स्नान को जाने के लिए श्रद्घालुओं को करीब दो किमी पैदल चलना होगा। शनिवार को एएसप, एसडीएम व सीओ ने जिला पंचायत के इंजीनयर भगत सिंह के साथ नाव में बैठकर गंगा में घाट ों के स्थान निश्चित करने के लिए जलस्तर की गहराई जांची। श्रद्धालुओं की सुुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला चारों दिशाओं से बसना शुरू हो गया है।
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