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जमीन कब्जाने में पूर्व कैबिनेट मंत्री के साले समेत छह फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:54 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला में सत्ता के नशे में मकान गिराने, जबरन जमीन का बैनामा कराने और फर्जी मुकदमे में फंसाने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर के साले और सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फंस गए हैं। एसडीएम गंभीर सिंह छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश एसएचओ को दिए हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के आदेश होने से सपा नेताओं में खलबली मची हुई है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला निवासी कुंवरपाल राणा पुत्र विशंभर पत्नी और बच्चों के साथ बीते सोमवार को अमरोहा कलेक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठा था।
उसका कहना था कि सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमाल अख्तर के साले नदीम चौधरी और सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फैसल अल्वी, हैबतपुर बंजारा निवासी नसीम अहमद व अशरफ ठेकेदार, पूर्व प्रधानपति शाहपुर कला साबिर व कालाखेड़ा निवासी मुजाहिद अली आदि ने सत्ता के नशे में दबंगई दिखाते हुए शाहपुर कला में रहरा रोड किनारे बना मकान जबरन गिरा दिया था। अवैध रूप से नया निर्माण कर लिया था। पुराने मकान का मैटीरियल भी गायब कर दिया गया था।
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यहीं नहीं पीड़ित के पिता का अपहरण कर जबरन बैनामा करा लिया गया था। इस सदमे में पिता की मौत भी गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई तो दबंगों ने उसी के खिलाफ साजिश करते हुए खाद्य अपमिश्रण के मुकदमे में फंसा दिया। जिसकी जांच अभी तक चल रही है।
पीड़ित लगातार जिम्मेदार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने के लिए चक्कर काटता रहा। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद पीड़ित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मिला। न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बावजूद भी दबंगों के अत्याचार नहीं थमे।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए अफसरों ने शांत कर घर भेज दिया था। गुरुवार को पीड़ित परिवार इसी प्रकरण में हसनपुर एसडीएम गंभीर सिंह से मिला था। एसडीएम ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के आदेश से सपा नेताओं में खलबली मची हुई है।
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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कला निवासी कुंवरपाल राणा पुत्र विशंभर पत्नी और बच्चों के साथ बीते सोमवार को अमरोहा कलेक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठा था।
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उसका कहना था कि सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कमाल अख्तर के साले नदीम चौधरी और सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फैसल अल्वी, हैबतपुर बंजारा निवासी नसीम अहमद व अशरफ ठेकेदार, पूर्व प्रधानपति शाहपुर कला साबिर व कालाखेड़ा निवासी मुजाहिद अली आदि ने सत्ता के नशे में दबंगई दिखाते हुए शाहपुर कला में रहरा रोड किनारे बना मकान जबरन गिरा दिया था। अवैध रूप से नया निर्माण कर लिया था। पुराने मकान का मैटीरियल भी गायब कर दिया गया था।
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यहीं नहीं पीड़ित के पिता का अपहरण कर जबरन बैनामा करा लिया गया था। इस सदमे में पिता की मौत भी गई। मामले की शिकायत पुलिस से की गई तो दबंगों ने उसी के खिलाफ साजिश करते हुए खाद्य अपमिश्रण के मुकदमे में फंसा दिया। जिसकी जांच अभी तक चल रही है।
पीड़ित लगातार जिम्मेदार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने के लिए चक्कर काटता रहा। लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद पीड़ित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मिला। न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बावजूद भी दबंगों के अत्याचार नहीं थमे।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए अफसरों ने शांत कर घर भेज दिया था। गुरुवार को पीड़ित परिवार इसी प्रकरण में हसनपुर एसडीएम गंभीर सिंह से मिला था। एसडीएम ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के आदेश से सपा नेताओं में खलबली मची हुई है।