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राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए 59673 वाद
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 73,470 वाद लगाए गए। जिसमें से 59,673 वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय परिसर व वाहय न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के 59,673 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 3792 फौजदारी के वादों का निस्तारण करते हुए 895745 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल हुए। एनआई एक्ट के 11 वादों का निस्तारण किया गया। विद्युत अधिनियम के 452 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना ट्रव्यूनल द्वारा 101 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए 14107000 रुपये, कुटुम्ब न्यायालय के द्वारा 87 वादों का निस्तारण करते हुए 9755000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 22 जोड़े साथ साथ रहने को राजी हुए। सिविल के 237 वादों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत द्वारा 2 मामलों का निस्तारण किया गया एवं 1650000 प्रतिकर के रूप में दिलाए। 53,694 विभिन्न प्रकार के प्री-लिटीगेशन वादों ( बैंकों के ऋण वसूली वाद, दूर संचार के वाद, एआरटीओ के चालान, पुलिस के चालान आदि) का निस्तारण करते हुए कुल 17746441 वसूले गए। सभी तहसीलों व राजस्व न्यायालयों में कुल 1308 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान अध्यक्ष व जिला जज संजीव कुमार, प्राधिकरण सचिव अरविंद वर्मा समेत संजय कुमार द्वितीय, अहमद उल्ला खां, ब्रजेश सिंह, संजय वीर सिंह, तृप्ता चौधरी, सूर्य प्रकाश सिंह, कुसुम लता, कपिला राघव, संजय कुमार, निशांत शेव, स्वपन दीप सिंघल, महताब अहमद, कमलापति, दिव्यानंद द्विवेदी, ओमपाल सिंह, अमर प्रताप चौधरी, दुर्गेश नंदिनी, आनंद देश सिंह, ईशा चौधरी, प्रगति रघुवंशी, प्रियंका आजाद, विभव चन्द्रा, सुमित कुमार यादव, सिद्धिजय प्रकाश न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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जनपद न्यायालय परिसर व वाहय न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के 59,673 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 3792 फौजदारी के वादों का निस्तारण करते हुए 895745 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल हुए। एनआई एक्ट के 11 वादों का निस्तारण किया गया। विद्युत अधिनियम के 452 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना ट्रव्यूनल द्वारा 101 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए 14107000 रुपये, कुटुम्ब न्यायालय के द्वारा 87 वादों का निस्तारण करते हुए 9755000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 22 जोड़े साथ साथ रहने को राजी हुए। सिविल के 237 वादों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत द्वारा 2 मामलों का निस्तारण किया गया एवं 1650000 प्रतिकर के रूप में दिलाए। 53,694 विभिन्न प्रकार के प्री-लिटीगेशन वादों ( बैंकों के ऋण वसूली वाद, दूर संचार के वाद, एआरटीओ के चालान, पुलिस के चालान आदि) का निस्तारण करते हुए कुल 17746441 वसूले गए। सभी तहसीलों व राजस्व न्यायालयों में कुल 1308 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान अध्यक्ष व जिला जज संजीव कुमार, प्राधिकरण सचिव अरविंद वर्मा समेत संजय कुमार द्वितीय, अहमद उल्ला खां, ब्रजेश सिंह, संजय वीर सिंह, तृप्ता चौधरी, सूर्य प्रकाश सिंह, कुसुम लता, कपिला राघव, संजय कुमार, निशांत शेव, स्वपन दीप सिंघल, महताब अहमद, कमलापति, दिव्यानंद द्विवेदी, ओमपाल सिंह, अमर प्रताप चौधरी, दुर्गेश नंदिनी, आनंद देश सिंह, ईशा चौधरी, प्रगति रघुवंशी, प्रियंका आजाद, विभव चन्द्रा, सुमित कुमार यादव, सिद्धिजय प्रकाश न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।