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स्नातक में एडमिशन के लिए मारामारी के हालात बने
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:36 AM IST
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गजरौला। रमाबाई अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में एडमिशन को लेकर मारामारी के हालात हैं। सीटें लगभग पूरी हो चुकी है जबकि, आवेदन करने वालों की लाइन लंबी है। फिलहाल 26 जुलाई एडमिशन की आखिरी तारीख है। ऐसे में छात्र छात्राओं को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
कॉलेज में बीए की 560 सीटें है। जिनमें 520 सीट भरी जा चुुुकी है। खाली बची चालीस सीटों पर 250 छात्र छात्राओं ने आवेदन किया है। ऐसे में दौ सौ अधिक छात्र बाहर हो जाएंगे। छात्र छात्राएं एडमिशन के लिए इधर उधर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा बीएससी के लिए 450 आवेदन पड़े हुए हैं जबकि सीट लगभग भर चुकी है। केवल तीन सीटों पर प्रवेश होना है। एमए में तीस सीटों पर 120 आवेदन आए हैं। सीट फुल होती देख छात्र छात्राओं ने दूसरे कॉलेजों में एडमिशन लेने के प्रयास शुरु कर दिए है। उधर इंटरमीडिएट पास करने वाले बच्चों के अभिभावकों को अपने लाडलों के एडमिशन की चिंता सता रही है। गौरतलब है कि पिछले साल गजरौला के इस कॉलेज में अकेले बीए में ढाई सौ सीटें खाली रह गई थी। छात्र छात्राओं ने दूसरे कॉलेजों में प्रवेश ले लिए थे। अब निजी कॉलेजों से छात्र छात्राओं का मोहभंग हो रहा है। राजकीय कॉलेज की सीट फुल होना यह साबित करने के लिए काफी है।
यहां पर एडमिशन नहीं होने से बच्चो को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। या फिर महंगी फीस देकर निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने केेेेेलिए मजबूर होंगे। सीट बढ़वाने के लिए विधायक राजीव तरारा ने भी एक पत्र लिखा था लेकिन, सीटे नहीं बढ़ सकी है। केवल एमए में एक सेक्शन बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
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प्राचार्या डा. सीमा शर्मा ने बताया कि सीटे लगभग फुल हो चुकी है जबकि, आवेदन ज्यादा है। केवल बीकॉम में तो मारामारी के हालात नहीं है। सीट बढ़वाने के लिए विधायक ने भी पत्र दिया था। जिसे कुलपति को प्रेषित कर दिया है।
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कॉलेज में बीए की 560 सीटें है। जिनमें 520 सीट भरी जा चुुुकी है। खाली बची चालीस सीटों पर 250 छात्र छात्राओं ने आवेदन किया है। ऐसे में दौ सौ अधिक छात्र बाहर हो जाएंगे। छात्र छात्राएं एडमिशन के लिए इधर उधर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा बीएससी के लिए 450 आवेदन पड़े हुए हैं जबकि सीट लगभग भर चुकी है। केवल तीन सीटों पर प्रवेश होना है। एमए में तीस सीटों पर 120 आवेदन आए हैं। सीट फुल होती देख छात्र छात्राओं ने दूसरे कॉलेजों में एडमिशन लेने के प्रयास शुरु कर दिए है। उधर इंटरमीडिएट पास करने वाले बच्चों के अभिभावकों को अपने लाडलों के एडमिशन की चिंता सता रही है। गौरतलब है कि पिछले साल गजरौला के इस कॉलेज में अकेले बीए में ढाई सौ सीटें खाली रह गई थी। छात्र छात्राओं ने दूसरे कॉलेजों में प्रवेश ले लिए थे। अब निजी कॉलेजों से छात्र छात्राओं का मोहभंग हो रहा है। राजकीय कॉलेज की सीट फुल होना यह साबित करने के लिए काफी है।
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यहां पर एडमिशन नहीं होने से बच्चो को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। या फिर महंगी फीस देकर निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने केेेेेलिए मजबूर होंगे। सीट बढ़वाने के लिए विधायक राजीव तरारा ने भी एक पत्र लिखा था लेकिन, सीटे नहीं बढ़ सकी है। केवल एमए में एक सेक्शन बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
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प्राचार्या डा. सीमा शर्मा ने बताया कि सीटे लगभग फुल हो चुकी है जबकि, आवेदन ज्यादा है। केवल बीकॉम में तो मारामारी के हालात नहीं है। सीट बढ़वाने के लिए विधायक ने भी पत्र दिया था। जिसे कुलपति को प्रेषित कर दिया है।