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Amroha News: बीमा कंपनी को देने होंगे 43 हजार
Sat, 09 May 2026 12:25 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 09 May 2026 12:25 AM IST
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अमरोहा। किसान के ऑपरेशन पर हुए खर्च का क्लेम देने से इन्कार करने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने अहम फैसला सुनाया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 43 हजार रुपये का क्लेम नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अलग से अदा करने का आदेश दिया गया है। पूरी राशि एक माह के भीतर भुगतान करनी होगी।
गजरौला क्षेत्र के गांव निवासी कृष्ण कुमार ने एक निजी बैंक के माध्यम से हेल्थ पॉलिसी कराई थी, जो एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक वैध थी। इसी दौरान उन्हें पथरी की समस्या हो गई, जिसके चलते उन्हें 7 दिसंबर 2024 को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 10 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इलाज पर करीब 43 हजार रुपये का खर्च आया। इसके बाद वरुण कुमार ने बीमा कंपनी से इलाज खर्च का क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि मरीज के भर्ती और इलाज का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस पर पीड़ित पक्ष ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया और पीड़ित के पक्ष में निर्णय सुनाया। संवाद
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गजरौला क्षेत्र के गांव निवासी कृष्ण कुमार ने एक निजी बैंक के माध्यम से हेल्थ पॉलिसी कराई थी, जो एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक वैध थी। इसी दौरान उन्हें पथरी की समस्या हो गई, जिसके चलते उन्हें 7 दिसंबर 2024 को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 10 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। इलाज पर करीब 43 हजार रुपये का खर्च आया। इसके बाद वरुण कुमार ने बीमा कंपनी से इलाज खर्च का क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि मरीज के भर्ती और इलाज का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस पर पीड़ित पक्ष ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया और पीड़ित के पक्ष में निर्णय सुनाया। संवाद
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