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दारानगर नहीं पहुंची टीम, तटबंध पर बांटी दवाइयां
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:40 AM IST
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गजरौला। खादर बीमार है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग खादरवासियों की जिंदगी को लेकर गंभीर नहीं है। यह हाल तब है जब गांव में एक नवजात सहित तीन मौत हो चुकी हैं। आला अफसरों ने फटकारा तो टीम रवाना हुई। इस पर भी टीम ने अपनी सुविधा के अनुसार ही काम किया। बाढ़ के चलते दारानगर में टीम नहीं पहुंची और तीन किलोमीटर दूर तटबंध पर बैठकर दवाइयां बांटने का काम किया।
बुधवार को दारानगर के ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग दवाई लेने के लिए शहर जा रहे थे। इन्होंने नाव से बाढ़ के पानी को पार किया और तटबंध पहुंचे। गांव अलीनगर के पास तटबंध पर नजारा अलग था। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव वालों को रोक-रोक कर दवाइयां बांट रही थी। काफी लोगों को तटबंध पर ही दवाइयां दी गई। कुछ लोगों ने इनकार कर दिया। लोगों का कहना था कि जब वे बाढ़ पार ही कर आएं तो अब शहर जाने में ही क्या दिक्कत है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ग्रामीणों ने टीम से कहा कि अगर लोगों की बीमारी की चिंता तो गांव जाकर ही दवाइयों का वितरण करना चाहिए था। गौरतलब है कि मंगलवार को दारानगर में बुखार से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। वहीं एक जच्चा ने भी मंगलवार को दम तोड़ दिया। इस महिला का नवजात बच्चा कई दिन पहले ही मर चुका था। हरप्रसाद, हरकिशन, हरि सिंह, कलवा आदि ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तटबंध पर दवाई दी है। अब सवाल यह उठता है कि अफसर रोजाना टीम गठित कर खादर में भेजने के आदेश दे रहे हैं। वहीं माननीय भी गांव में टीम भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं लेकिन, टीम गांव में एक दो बार जाकर ही लौट आई।
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बुधवार को दारानगर के ग्रामीणों ने बताया कि कई लोग दवाई लेने के लिए शहर जा रहे थे। इन्होंने नाव से बाढ़ के पानी को पार किया और तटबंध पहुंचे। गांव अलीनगर के पास तटबंध पर नजारा अलग था। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव वालों को रोक-रोक कर दवाइयां बांट रही थी। काफी लोगों को तटबंध पर ही दवाइयां दी गई। कुछ लोगों ने इनकार कर दिया। लोगों का कहना था कि जब वे बाढ़ पार ही कर आएं तो अब शहर जाने में ही क्या दिक्कत है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ग्रामीणों ने टीम से कहा कि अगर लोगों की बीमारी की चिंता तो गांव जाकर ही दवाइयों का वितरण करना चाहिए था। गौरतलब है कि मंगलवार को दारानगर में बुखार से पीड़ित एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। वहीं एक जच्चा ने भी मंगलवार को दम तोड़ दिया। इस महिला का नवजात बच्चा कई दिन पहले ही मर चुका था। हरप्रसाद, हरकिशन, हरि सिंह, कलवा आदि ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तटबंध पर दवाई दी है। अब सवाल यह उठता है कि अफसर रोजाना टीम गठित कर खादर में भेजने के आदेश दे रहे हैं। वहीं माननीय भी गांव में टीम भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं लेकिन, टीम गांव में एक दो बार जाकर ही लौट आई।
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