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हड़ताल में शामिल 27 शिक्षकों का कटा एक दिन का वेतन
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अमरोहा। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे जिले के 27 शिक्षकों को एक दिन का वेतन काटा गया है। जिसे लेकर शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। राज्यकर्मचारियों की हड़ताल कोर्ट के अवैध घोषित करने पर शासन ने कड़ा रूख अपनाया है। निदेशक बेसिक ने हड़ताल में शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी। जिसपर बीएसए ने जिले 27 शिक्षकों का वेतन काटने की रिपोर्ट प्रेषित की है। इतना ही नहीं बेसिक शिक्षा परिषद ने हड़ताल करने पर शिक्षकों और कर्मचारियों को निलंबित करने की चेतवानी दी है।
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेतृत्व में राज्य कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। काम काज छोड़ कर कर्मचारी कलक्ट्रेट के गेट पर धरना पर बैठ गए थे। यहां तक की शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। इसके चलते माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वित्तविहीन शिक्षकों के सहारे बोर्ड परीक्षा शुरू कराई। कर्मचारियों ने आंदोलन को धार देने की कोशिश की थी। लेकिन इससे पहले गुरुवार को हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की हड़ताल को सरकारी कर्मचारी सेवा आचरण नियमों के खिलाफ मानते हुए अवैध घोषित करार दिया। इसके बाद शासन ने कड़ रुख अपनाते हुए हड़ताल पर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की विभागवार रिपोर्ट मांगी है। अवैध हड़ताल पर जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई बेसिक शिक्षा परिषद ने की है। बीएसए गौतम प्रसाद ने हड़ताल में शामिल 27 शिक्षकों का एक-एक दिन का वेतन काटा है। बीएसए के मुताबिक विभगीय जांच में 6 फरवरी को 13 शिक्षक और 7 फरवरी को 14 शिक्षक हड़ताल में शामिल रहे थे। हड़ताल की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी गई है। विभागीय अनुशासन तोड़ने वाले शिक्षक और कर्मचारियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेतृत्व में राज्य कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। काम काज छोड़ कर कर्मचारी कलक्ट्रेट के गेट पर धरना पर बैठ गए थे। यहां तक की शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। इसके चलते माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वित्तविहीन शिक्षकों के सहारे बोर्ड परीक्षा शुरू कराई। कर्मचारियों ने आंदोलन को धार देने की कोशिश की थी। लेकिन इससे पहले गुरुवार को हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की हड़ताल को सरकारी कर्मचारी सेवा आचरण नियमों के खिलाफ मानते हुए अवैध घोषित करार दिया। इसके बाद शासन ने कड़ रुख अपनाते हुए हड़ताल पर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की विभागवार रिपोर्ट मांगी है। अवैध हड़ताल पर जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई बेसिक शिक्षा परिषद ने की है। बीएसए गौतम प्रसाद ने हड़ताल में शामिल 27 शिक्षकों का एक-एक दिन का वेतन काटा है। बीएसए के मुताबिक विभगीय जांच में 6 फरवरी को 13 शिक्षक और 7 फरवरी को 14 शिक्षक हड़ताल में शामिल रहे थे। हड़ताल की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा परिषद को भेज दी गई है। विभागीय अनुशासन तोड़ने वाले शिक्षक और कर्मचारियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
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