{"_id":"62a25582b274e42b304abf38","slug":"21-gram-panchayats-with-a-population-of-five-thousand-will-be-made-like-a-city-model-jpnagar-news-mbd430926596","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार की आबादी वाली 21 ग्राम पंचायतों को शहर की तरह बनाया जाएगा मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार की आबादी वाली 21 ग्राम पंचायतों को शहर की तरह बनाया जाएगा मॉडल
विज्ञापन
सरकार गांव का विकास शहरों की तर्ज पर कराने के लिए प्रयासरत है। जनपद की 21 ग्राम पंचायतों को शहर की तर्ज पर मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर लिया है। योजना के तहत गांव में कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था होगी। इसके अलावा गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग स्थानों पर एकत्र किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन होगा।
इसके अलावा गांव की सड़कों का निर्माण व अन्य विकास कार्यों को प्रमुखता के आधार पर कराया जाएगा।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि गांव में ठोस व तरल अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन किया जाए। आज जिस ग्राम पंचायत में जाइए, वहां कूड़ा इधर-उधर बिखरा रहता है। घर के किचेन, हैंडपंप का पानी गलियों में बहता है। स्वच्छ भारत मिशन फेज एक के तहत लोगों को खुले में शौच के प्रति जागरूक किया। अब जरूरत है लोगों को अपने कूड़े को व्यवस्थित करने की, जिसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। चरणबद्ध तरीके से पूरे ग्राम पंचायत में घर घर कूड़ा के संग्रहण और जहां पानी गलियों में फैल रहा है, वहां सोखता गड्ढा बनाया जाएगा।
घरेलू कंपोष्ट पिट, सामुदायिक कंपोस्ट पिट, घरेलू सोखता गड्ढा, सामुदायिक सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत में सुविधा अनुसार कूड़ा दान बनाया जाएगा। कूड़ा संग्रहण केंद्र बना कर गांव के कूड़े को एक जगह इकट्ठा कर कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट विधि से कूड़े से खाद भी बनाया जाएगा। गांव को नगर पालिका और नगर पंचायत की तरह गांव विकसित किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में कूड़ा एकत्र करने के लिए छोटे ट्रैक्टर और ट्रालियां खरीदे जाएंगी। गांव के स्कूलों को स्मार्ट बनाने का कार्य भी किया जाएगा। जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। शासन ने मिलने वाली हर योजना में वरीयता दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा गांव की सड़कों का निर्माण व अन्य विकास कार्यों को प्रमुखता के आधार पर कराया जाएगा।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि गांव में ठोस व तरल अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन किया जाए। आज जिस ग्राम पंचायत में जाइए, वहां कूड़ा इधर-उधर बिखरा रहता है। घर के किचेन, हैंडपंप का पानी गलियों में बहता है। स्वच्छ भारत मिशन फेज एक के तहत लोगों को खुले में शौच के प्रति जागरूक किया। अब जरूरत है लोगों को अपने कूड़े को व्यवस्थित करने की, जिसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। चरणबद्ध तरीके से पूरे ग्राम पंचायत में घर घर कूड़ा के संग्रहण और जहां पानी गलियों में फैल रहा है, वहां सोखता गड्ढा बनाया जाएगा।
विज्ञापन
घरेलू कंपोष्ट पिट, सामुदायिक कंपोस्ट पिट, घरेलू सोखता गड्ढा, सामुदायिक सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत में सुविधा अनुसार कूड़ा दान बनाया जाएगा। कूड़ा संग्रहण केंद्र बना कर गांव के कूड़े को एक जगह इकट्ठा कर कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट विधि से कूड़े से खाद भी बनाया जाएगा। गांव को नगर पालिका और नगर पंचायत की तरह गांव विकसित किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में कूड़ा एकत्र करने के लिए छोटे ट्रैक्टर और ट्रालियां खरीदे जाएंगी। गांव के स्कूलों को स्मार्ट बनाने का कार्य भी किया जाएगा। जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। शासन ने मिलने वाली हर योजना में वरीयता दी जाएगी।
विज्ञापन