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लगातार दो दिनों से घट रहा तिगरी गंगा में उफान
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:28 AM IST
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गजरौला। तिगरी में गंगा का जलस्तर लगातार दो दिनों से घट रहा है। शनिवार को भी 35 सेमी की कमी आई जबकि, शुक्रवार को 20 सेमी गिर था। जलस्तर 199.45 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल बाढ़ का खतरा टला हुआ है।
इस सप्ताह के गुरुवार को तिगरी में जलस्तर 200 मीटर पर जा पहुंचा था। यह खतरे के निशान से केवल दो मीटर दूर है लेकिन शुक्रवार से गिरावट आने लगी जोकि शनिवार को भी जारी रही। शनिवार को बिजनौर बैराज से 48578 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि शुक्रवार बिजनौर बैराज से 34192 क्यूसेक और हरिद्वार से 21272 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है था। शनिवार को हरिद्वार में पानी रोकते हुए केवल 22989 क्यूसेक ही पानी आगे के निकाला गया। तीन दिनों में हर रोज गंगा उफन रही थी। जिसके चलते खादर के खेतों में गंगा का पानी घुस आया था। तिगरी में पुरोहितों की झोपड़ियां भी पानी में डूब चुकी हैं। खतरे के निशान के करीब जलस्तर पहुंचने से खादर के ग्रामीणों में बैचेनी बढ़ गई थी। लोग खेतों पर नहीं जा रहे थे। अब जलस्तर में गिरावट होनी शुरु हो गई। वहीं अगर पहाड़ फिर से बरसते हैं तो एक दो दिन में फिर से उफान आ सकता है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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इस सप्ताह के गुरुवार को तिगरी में जलस्तर 200 मीटर पर जा पहुंचा था। यह खतरे के निशान से केवल दो मीटर दूर है लेकिन शुक्रवार से गिरावट आने लगी जोकि शनिवार को भी जारी रही। शनिवार को बिजनौर बैराज से 48578 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि शुक्रवार बिजनौर बैराज से 34192 क्यूसेक और हरिद्वार से 21272 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है था। शनिवार को हरिद्वार में पानी रोकते हुए केवल 22989 क्यूसेक ही पानी आगे के निकाला गया। तीन दिनों में हर रोज गंगा उफन रही थी। जिसके चलते खादर के खेतों में गंगा का पानी घुस आया था। तिगरी में पुरोहितों की झोपड़ियां भी पानी में डूब चुकी हैं। खतरे के निशान के करीब जलस्तर पहुंचने से खादर के ग्रामीणों में बैचेनी बढ़ गई थी। लोग खेतों पर नहीं जा रहे थे। अब जलस्तर में गिरावट होनी शुरु हो गई। वहीं अगर पहाड़ फिर से बरसते हैं तो एक दो दिन में फिर से उफान आ सकता है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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