{"_id":"5c61c612bdec224bf102008c","slug":"151549911570-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशु गणना की प्रगति धीमी, महज 12 प्रतिशत हुई गिनती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशु गणना की प्रगति धीमी, महज 12 प्रतिशत हुई गिनती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। पशु गणना की प्रगति जिले में धीमी है। अब तक महज 12 प्रतिशत पशुओं की गिनती हो सकी है। इस बार टैबलेट से पशुओं की गणना हो रही है। इसे पोर्टल पर फीड करना है। शिथिलता के चलते निर्धारित अवधि में पशुओं की गणना मुश्किल है। इसके पहले राजस्व विभाग के जरिए पशुओं की गणना कराई जाती थी।
जिले में पशुपालन विभाग की ओर से 314401 परिवार वालों के पशुओं की गणना की जानी है। इसके तहत डोर-टू-डोर गिनती की जाएगी। साथ ही गोवंशीय और महिष्वंशीय पशुओं के अलावा अन्य तरह के पशुओं की गिनती की जानी है। इसके तहत दूध देने वाली और नहीं देने वाली गाय और भैंस का ब्योरा एकत्र करना है। इसके अलावा प्रजनन करने वाले अन्य पशु भी गिने जाएंगे। साथ ही किस तरह के पशुओं की संख्या घट रही है और किसकी बढ़ रही है इसका ब्योरा एकत्र हो जाएगा। इस बार पशुधन प्रसार अधिकारी और पैरावेट्स गणना कार्य को पूरा करने में जुटे हैं। हालांकि अब तक महज 36707 पशुओं की गणना हो सकी है। दरअसल देहात में पशुपालन आय को बढ़ाने वाला कारोबार माना जाता है। इससे कृषि पर निर्भर परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है। साथ ही लोगों को पोषण के रूप में दूध, अंडा और मांस मिलता है। पहले चरण में केवल गाय और भैंस की ऑन लाइन फीडिंग हो रही है। इसके तहत किसी तरह की हेरफेर की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।
- पशुओं की गिनती की जा रही है। इसके लिए पशुधन प्रसार अधिकारी और पैरावेट्स लगाए गए हैं। इस बार टैबलेट से ब्योरा फीड हो रहा है। किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जा रही है।
विज्ञापन
- डॉ. बलवीर सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।
विज्ञापन
जिले में पशुपालन विभाग की ओर से 314401 परिवार वालों के पशुओं की गणना की जानी है। इसके तहत डोर-टू-डोर गिनती की जाएगी। साथ ही गोवंशीय और महिष्वंशीय पशुओं के अलावा अन्य तरह के पशुओं की गिनती की जानी है। इसके तहत दूध देने वाली और नहीं देने वाली गाय और भैंस का ब्योरा एकत्र करना है। इसके अलावा प्रजनन करने वाले अन्य पशु भी गिने जाएंगे। साथ ही किस तरह के पशुओं की संख्या घट रही है और किसकी बढ़ रही है इसका ब्योरा एकत्र हो जाएगा। इस बार पशुधन प्रसार अधिकारी और पैरावेट्स गणना कार्य को पूरा करने में जुटे हैं। हालांकि अब तक महज 36707 पशुओं की गणना हो सकी है। दरअसल देहात में पशुपालन आय को बढ़ाने वाला कारोबार माना जाता है। इससे कृषि पर निर्भर परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है। साथ ही लोगों को पोषण के रूप में दूध, अंडा और मांस मिलता है। पहले चरण में केवल गाय और भैंस की ऑन लाइन फीडिंग हो रही है। इसके तहत किसी तरह की हेरफेर की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।
विज्ञापन
- पशुओं की गिनती की जा रही है। इसके लिए पशुधन प्रसार अधिकारी और पैरावेट्स लगाए गए हैं। इस बार टैबलेट से ब्योरा फीड हो रहा है। किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जा रही है।
विज्ञापन
- डॉ. बलवीर सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।