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तिगरी गंगा में फिर घटने लगा पानी का उफान
Updated Tue, 24 Jul 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो गजरौला। पहाड़ पर बारिश कम हो गई है। इस कारण तिगरी में गंगा का जलस्तर लगातार नीचे की ओर से खिसक रहा। पिछले सप्ताह जलस्तर गुरुवार को 200 मीटर पर पहुंचने के बाद सोमवार को 199.40 पर जा अटका। हालांकि जलस्तर घटने से खादर के ग्रामीणों को राहत मिली है।
सोमवार को हरिद्वार बैराज से गंगा में 36547 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं हरिद्वार के मुकाबले बिजनौर से ज्यादा पानी आगे के लिए निकाला गया है। रविवार और सोमवार को मैदान में हुई बारिश के चलते बिजनौर से सोमवार को 51945 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। माना जा रहा है भले ही सोमवार को तिगरी के जलस्तर में कमी आई हो लेकिन मंगलवार को बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल खतरे की बात नहीं है क्यों कि खतरे का निशान 202 मीटर पर लगा हुआ है। इससे ऊपर खादर के दर्जनों गांव में पानी घुस जाता है। जिसके चलते खादर के गांव में पलायन शुरू हो जाता है। शुरुआत में ग्रामीणों में भय बना हुआ था लेकिन जैसे-जैसे जुलाई का महीना बीत रहा है, गांव वाले राहत की सांस ले रहे हैं। जुलाई में ही अधिक बरसात होने की आशंका अधिक रहती है। अगर पहाड़ पर अधिक बारिश हुई तो गंगा खतरे के निशान तक पहुंच जाएगी। जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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सोमवार को हरिद्वार बैराज से गंगा में 36547 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं हरिद्वार के मुकाबले बिजनौर से ज्यादा पानी आगे के लिए निकाला गया है। रविवार और सोमवार को मैदान में हुई बारिश के चलते बिजनौर से सोमवार को 51945 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। माना जा रहा है भले ही सोमवार को तिगरी के जलस्तर में कमी आई हो लेकिन मंगलवार को बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल खतरे की बात नहीं है क्यों कि खतरे का निशान 202 मीटर पर लगा हुआ है। इससे ऊपर खादर के दर्जनों गांव में पानी घुस जाता है। जिसके चलते खादर के गांव में पलायन शुरू हो जाता है। शुरुआत में ग्रामीणों में भय बना हुआ था लेकिन जैसे-जैसे जुलाई का महीना बीत रहा है, गांव वाले राहत की सांस ले रहे हैं। जुलाई में ही अधिक बरसात होने की आशंका अधिक रहती है। अगर पहाड़ पर अधिक बारिश हुई तो गंगा खतरे के निशान तक पहुंच जाएगी। जेई रणधीर सिंह ने जलस्तर की पुष्टि की।
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