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एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स करेगी नपा की दुकान के फर्जी बैयनामा प्रकरण की जांच
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:28 AM IST
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एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स करेगी पालिका दुकानों के कब्जे की जांच
स्लाटर हाउस पर कब्जे की कोशिश का मामला भी टास्क फोर्स के हवाले किया गया
नगर पालिका की जमीनों से संबंधित सात मसले अफसरों ने टास्क फोर्स को सौंपे
कॉमन इंट्रो---
नगर पालिका परिषद अमरोहा की जमीनों पर अवैध तरीके से मालिकाना हक जताने वाले भू-माफिया पर अफसरों ने शिकंजा कसने को कार्रवाई शुरू कर दी है। पालिका की दुकान के फर्जी बैनामे व स्लाटर हाउस पर कब्जा करने की कोशिश के मसले जनपद में गठित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के हवाले कर दिए गए हैं। करीब सात प्रकरण टास्क फोर्स को सौंपे गए हैं। इनमें नालों पर अवैध कब्जा कर दुकान बनाने, पालिका की जमीन पर दरवाजा लगाने व भूमि पर अतिक्रमण करना शामिल हैं। सभी प्रकरणों पर संज्ञान लेते हुए टास्क फोर्स ही जमीनों को माफियाओं से मुक्त कराएगी। फर्जीवाड़ा करने वालों पर एफआईआर लिखाएगी। गिरफ्तारी को कार्रवाई भी करेगी। इसमें जमीन बेचने वालों से लेकर खरीदने वालों तक की भूमिका की गहनता से जांच होगी और पूछताछ की जाएगी।
केस नंबर एक
पुलिस की जांच में लचीलापन, इसलिए टास्क फोर्स को सौंपी पड़ताल
अमरोहा। शहर के आजाद मार्ग किनारे अर्जुन टाकिज मार्केट में दुकान नंबर दस नगर पालिका परिषद ने 2 दिसंबर 1983 को हसन अब्बास पुत्र अब्दुल हमीद निवासी मंडी चौब के नाम अलाट की थी। अब यह दुकान नगर के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी गफ्फार अली उर्फ सोनू पुत्र रुस्तम अली ने खरीदी है। जिसका बैनामा चमन सिंह पुत्र रामचरन निवासी कटरा गुलाम अली ने किया था। जब नक्शा पास कराने के लिए फाइल पालिका अफसरों के सामने गई तो नजारा देख दंग रह गए। ये दुकान पालिका की पाई गई, जिसको कब्जामुक्त कराने के बाद पालिका अधिकारियों ने चमन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। पुलिस भी तफ्तीश कर रही है, लेकिन अफसरों ने पुलिस की विवेचना में लचीलापन देखा है। इसलिए पूरे मामले को उसने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स को सौंप दिया है। टास्क फोर्स को समस्त अभिलेख उपलब्ध करा दिए हैं। खामोशी के संग उसने पड़ताल चालू कर दी है। इसमें विक्रेता के साथ ही खरीददार से भी मालूमात होगी। अगर दोनों की संलिप्तता पाई गई तो मुकदमा कराने के संग टास्क फोर्स दुकान भी कब्जे में लेगी।
केस नंबर दो-
स्लाटर हाउस की जमीन पर की गई थी कब्जे की कोशिश
अमरोहा। नगर पालिका परिषद का कांठ मार्ग किनारे स्थित स्लाटर हाउस बना है। कुछ दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर उस पर ताला जड़ दिया था। सील बंद कर कटान पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी दरम्यान कुछ लोगों ने उसकी सील तोड़ दी थी और अंदर रखा सामान गायब कर दिया था। मीटर आदि उखाड़कर ले गए थे। दूसरा पक्ष इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहा है। बहरहाल मसले को बेहद संजीदगी से लेते हुए पालिका अधिकारियों ने कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया था। इसकी जांच पुलिस कर रही है। चूंकि ये प्रकरण पूरी तरह विवाद की जड़ बन गया है। इसलिए पालिका ने इसको भी टास्क फोर्स के सुपुर्द कर दिया है। अब वही जांच कर अगली कार्रवाई करेगी।
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केस नंबर तीन.....
अमरोहा। शहर में जल निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा आजाद मार्ग किनारे नाला निर्माण किया गया है, लेकिन कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर दुकान बना ली है। पालिका के एक्शन पर कोर्ट की शरण ले ली है। इसके अलावा पालिका की कुछ जमीन पर सालों से दबंग कब्जा जमाए बैठे हैं। बाउंड्री कराकर दरवाजे तक लगा दिए हैं। हैरानी की बात ये है कि ऐसे करीब पांच मसले हैं। जिन्हें एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के जरिए निपटाने की कार्रवाई पालिका अफसरों द्वारा की जा रही है। अब टास्क फोर्स ही जांच पड़ताल कर जमीनों को कब्जा मुक्त कराएगी। टास्क फोर्स में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
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बयान -
पालिका की दुकान का फर्जी बैनामा कराया गया है। स्लाटर हाउस की जमीन पर भी कब्जे का प्रयास हुआ था। अन्य कई जगह पालिका की जगह पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। तकरीबन सात मामले ऐसे हैं, जो एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स को सौंपे गए हैं।
- मनोज कुमार रस्तोगी, ईओ नगर पालिका परिषद।
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स्लाटर हाउस पर कब्जे की कोशिश का मामला भी टास्क फोर्स के हवाले किया गया
नगर पालिका की जमीनों से संबंधित सात मसले अफसरों ने टास्क फोर्स को सौंपे
कॉमन इंट्रो---
नगर पालिका परिषद अमरोहा की जमीनों पर अवैध तरीके से मालिकाना हक जताने वाले भू-माफिया पर अफसरों ने शिकंजा कसने को कार्रवाई शुरू कर दी है। पालिका की दुकान के फर्जी बैनामे व स्लाटर हाउस पर कब्जा करने की कोशिश के मसले जनपद में गठित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के हवाले कर दिए गए हैं। करीब सात प्रकरण टास्क फोर्स को सौंपे गए हैं। इनमें नालों पर अवैध कब्जा कर दुकान बनाने, पालिका की जमीन पर दरवाजा लगाने व भूमि पर अतिक्रमण करना शामिल हैं। सभी प्रकरणों पर संज्ञान लेते हुए टास्क फोर्स ही जमीनों को माफियाओं से मुक्त कराएगी। फर्जीवाड़ा करने वालों पर एफआईआर लिखाएगी। गिरफ्तारी को कार्रवाई भी करेगी। इसमें जमीन बेचने वालों से लेकर खरीदने वालों तक की भूमिका की गहनता से जांच होगी और पूछताछ की जाएगी।
केस नंबर एक
पुलिस की जांच में लचीलापन, इसलिए टास्क फोर्स को सौंपी पड़ताल
अमरोहा। शहर के आजाद मार्ग किनारे अर्जुन टाकिज मार्केट में दुकान नंबर दस नगर पालिका परिषद ने 2 दिसंबर 1983 को हसन अब्बास पुत्र अब्दुल हमीद निवासी मंडी चौब के नाम अलाट की थी। अब यह दुकान नगर के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी गफ्फार अली उर्फ सोनू पुत्र रुस्तम अली ने खरीदी है। जिसका बैनामा चमन सिंह पुत्र रामचरन निवासी कटरा गुलाम अली ने किया था। जब नक्शा पास कराने के लिए फाइल पालिका अफसरों के सामने गई तो नजारा देख दंग रह गए। ये दुकान पालिका की पाई गई, जिसको कब्जामुक्त कराने के बाद पालिका अधिकारियों ने चमन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अब इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। पुलिस भी तफ्तीश कर रही है, लेकिन अफसरों ने पुलिस की विवेचना में लचीलापन देखा है। इसलिए पूरे मामले को उसने एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स को सौंप दिया है। टास्क फोर्स को समस्त अभिलेख उपलब्ध करा दिए हैं। खामोशी के संग उसने पड़ताल चालू कर दी है। इसमें विक्रेता के साथ ही खरीददार से भी मालूमात होगी। अगर दोनों की संलिप्तता पाई गई तो मुकदमा कराने के संग टास्क फोर्स दुकान भी कब्जे में लेगी।
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केस नंबर दो-
स्लाटर हाउस की जमीन पर की गई थी कब्जे की कोशिश
अमरोहा। नगर पालिका परिषद का कांठ मार्ग किनारे स्थित स्लाटर हाउस बना है। कुछ दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर उस पर ताला जड़ दिया था। सील बंद कर कटान पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी दरम्यान कुछ लोगों ने उसकी सील तोड़ दी थी और अंदर रखा सामान गायब कर दिया था। मीटर आदि उखाड़कर ले गए थे। दूसरा पक्ष इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहा है। बहरहाल मसले को बेहद संजीदगी से लेते हुए पालिका अधिकारियों ने कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया था। इसकी जांच पुलिस कर रही है। चूंकि ये प्रकरण पूरी तरह विवाद की जड़ बन गया है। इसलिए पालिका ने इसको भी टास्क फोर्स के सुपुर्द कर दिया है। अब वही जांच कर अगली कार्रवाई करेगी।
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केस नंबर तीन.....
अमरोहा। शहर में जल निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा आजाद मार्ग किनारे नाला निर्माण किया गया है, लेकिन कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर दुकान बना ली है। पालिका के एक्शन पर कोर्ट की शरण ले ली है। इसके अलावा पालिका की कुछ जमीन पर सालों से दबंग कब्जा जमाए बैठे हैं। बाउंड्री कराकर दरवाजे तक लगा दिए हैं। हैरानी की बात ये है कि ऐसे करीब पांच मसले हैं। जिन्हें एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स के जरिए निपटाने की कार्रवाई पालिका अफसरों द्वारा की जा रही है। अब टास्क फोर्स ही जांच पड़ताल कर जमीनों को कब्जा मुक्त कराएगी। टास्क फोर्स में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
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बयान -
पालिका की दुकान का फर्जी बैनामा कराया गया है। स्लाटर हाउस की जमीन पर भी कब्जे का प्रयास हुआ था। अन्य कई जगह पालिका की जगह पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। तकरीबन सात मामले ऐसे हैं, जो एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स को सौंपे गए हैं।
- मनोज कुमार रस्तोगी, ईओ नगर पालिका परिषद।