{"_id":"6015b3808ebc3e33f61095cf","slug":"1108-persons-died-in-accident-with-in-five-years-jpnagar-news-mbd377898789","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियमों की अनदेखी, पांच साल में 1745 हादसों में 1108 की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियमों की अनदेखी, पांच साल में 1745 हादसों में 1108 की गई जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। शुक्रवार की सुबह मुरादाबाद में भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें दस लोगों की मौत हो गई है जबकि बीस से अधिक घायल हुए हैं। अमरोहा में भी हाईवे से लेकर तमाम मुख्य सड़के के खून से लाल पड़ी हैं। पिछले पांच सालों में जनपद की सड़कों पर 1745 हादसे हुए हैं। जिसमें करीब 1108 लोगों की जान चली गई है। इतना ही नहीं इन हादसों में 1177 लोग अपंग हो गए है। सबसे ज्यादा हादसे ओवर स्पीडिंग में हाईवे पर हुए हैं। हादसे होने की वजह ओवर स्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग, गलत तरीके से ओवर टेकिंग और शराब पीकर वाहन चलाना सामने आया है। इसलिए यातायात के नियमों को पालन करें और सुरक्षित रहें।
जिले की सीमा से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर चौधरपुर सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट तक करीब 30 अवैध कट थे। शॉर्टकट और यूटर्न के चक्कर में अवैध कट मौत की कट बन जाते रहे हैं। हालांकि वर्तमान में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। वहीं गजरौला, हसनपुर, रजबपुर और आदमपुर क्षेत्र में 13 स्थान पर ब्लैक स्पॉट है, जो सबसे ज्यादा खतरनाक है। यहां आए दिन लोगों के साथ हादसे होते हैं। ओवर स्पीडिंग खतरनाक ड्राइविंग, ओवर टेकिंग और शराब पीकर वाहन चलाना हादसों का मुख्य कारण है। इतना ही नहीं अन्य कई कारणों से भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। सबसे ज्यादा 700 से अधिक हादसे हाईवे पर हुए हैं। इसमें 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 440 लोग दिव्यांग हो गए हैं। बावजूद इसके न तो एनएचएआई रोकथाम कर रही है और न ही वाहन चालक यातायात नियमों को लेकर गंभीर हैं। जिला प्रशासन चुप्पी साध कर बैठा है। हाईवे पर नियमों की अनदेखी कारण हादसे हो रहे हैं। यातायात माह चल रहा है, तमाम ट्रैफिक पुलिसकर्मी लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। रैली निकाली जा रही है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बावजूद इसके लोग गंभीर नहीं है। उन्हें चालान कटवाना मंजूर है, लेकिन ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट लगाना मंजूर नहीं है।
विज्ञापन
जिले की सीमा से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर चौधरपुर सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट तक करीब 30 अवैध कट थे। शॉर्टकट और यूटर्न के चक्कर में अवैध कट मौत की कट बन जाते रहे हैं। हालांकि वर्तमान में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। वहीं गजरौला, हसनपुर, रजबपुर और आदमपुर क्षेत्र में 13 स्थान पर ब्लैक स्पॉट है, जो सबसे ज्यादा खतरनाक है। यहां आए दिन लोगों के साथ हादसे होते हैं। ओवर स्पीडिंग खतरनाक ड्राइविंग, ओवर टेकिंग और शराब पीकर वाहन चलाना हादसों का मुख्य कारण है। इतना ही नहीं अन्य कई कारणों से भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। सबसे ज्यादा 700 से अधिक हादसे हाईवे पर हुए हैं। इसमें 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 440 लोग दिव्यांग हो गए हैं। बावजूद इसके न तो एनएचएआई रोकथाम कर रही है और न ही वाहन चालक यातायात नियमों को लेकर गंभीर हैं। जिला प्रशासन चुप्पी साध कर बैठा है। हाईवे पर नियमों की अनदेखी कारण हादसे हो रहे हैं। यातायात माह चल रहा है, तमाम ट्रैफिक पुलिसकर्मी लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। रैली निकाली जा रही है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। बावजूद इसके लोग गंभीर नहीं है। उन्हें चालान कटवाना मंजूर है, लेकिन ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट लगाना मंजूर नहीं है।
विज्ञापन